झाबुआ मेंं हिन्दू एवं मुस्लिम समुदाय ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को hindu evam muslim smudai ne sarv sammti se svikar kiya

झाबुआ मेंं हिन्दू एवं मुस्लिम समुदाय ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को
दोनो समुदाय ने फैसले के बाद झाबुआ शहर सहित देश में शांति व्यवस्था बनाएं रखने की अपील की
शहर में दिनभर चॉक-चौबंद रहीं पुलिस व्यवस्था, बाजारों में रहीं रौनक कम

झाबुआ मेंं हिन्दू एवं मुस्लिम समुदाय ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को   hindu evam muslim smudai ne sarv sammti se svikar kiya

 (अली असगर बोहरा) 



झाबुआ। पिछले लंबे समय से लंबित चल आ रहे अयोध्या मामले में आखिरकार 9 नवंबर, शनिवार को सुबह 10.30 बजे देश की राजधानी दिल्ली में माननीय सुप्रीम कोर्ट का डिसीजन आया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने दोनो पक्षों निर्मोही अखाड़ा एवं सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा खारिज करते हुए तीसरे पक्ष के रूप में राम जन्म भूमि न्यास को विवादित जमीन पर हक दिया है। इसके अलावा सुनी वक्फ को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का फैसला किया है।
इस ऐतिहासिक निर्णय, जिस पर पूरे देष की नजरे थी, यह निर्णय आने के बाद हमने झाबुआ में हिन्दू एवं मुस्लिम संप्रदाय के प्रमुखों एवं वरिष्ठजनों से चर्चा की तो उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सर्व सम्मति से स्वीकार किया है एवं निर्णय के बाद झाबुआ शहर सहित संपूर्ण देश में दोनो संप्रदायों से शांति व्यवस्थाएं बनाने रखने की अपील की है। उधर अयोध्या के इस ऐतिहासिक एवं देश के सबसे बड़े निर्णय को लेकर केंद्र सरकार के साथ देष के अलग-अलग राज्यों में सरकारां में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया था।


स्कूल और कॉलेज रहे बंद, शासकीय कार्यालयों का भी अवकाश रहा


मप्र में इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में अवकाष घोषित किया गया वहीं शराब दुकाने भी बंद रखने के आदेष मप्र सरकार ने जारी किए थे। इसी को लेकर झाबुआ शहर में भी पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इतंजामात दिनभर बने रहे। झाबुआ के बस स्टेंड एवं राजवाड़ा पर पर एलाउंस के माध्यम पुलिस प्रषासन द्वारा लोगों को अलर्ट किया गया। धारा 144 लागू होने के साथ विशेष कर सोष्यल मीडिया पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक मैसेज-पोस्ट करने पर रोक लगाई गई। उधर शनिवार को शासकीय अवकाष का दिन होने से एवं ऐसे में स्कूल-कॉलेज भी बंद होने से बाजारों में प्रतिदिन की तुलना में रौनक भी कम हीं रहीं।


क्या है सुप्रीम कोर्ट का डिसीजन, विवादित जमीन पर राम जन्म भूमि न्याय को हक


देश की राजधानी दिल्ली में देष की सबसे बड़ी अदालत माननीय सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगवाई में संवैधानिक पीठ ने फैसला लेते हुए निर्मोही अखाड़ा और षिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज किया। अयोध्या में राज जन्म भूमि न्यास को विवादित जमीन दी गई है। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अलग जगह जमीन देने का आदेष दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को ट्रस्ट बनाने का आदेष दिया है। सुन्नी वक्फ को 5 एकड वैकल्पिक जमीन मिलेगी। पक्षकार गोपाल विषारद को पूजा-पाठ करने का अधिकार दिया गया है। मुस्लिम पक्ष को जमीन देने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार को दी गई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि मौजूदा दस्तावेजों से पता चलता हे कि वर्ष 1885 से पहले हिन्दू अंदर पूजा नहीं करते थे। बाहारी अहाता में राम चबूतरा सीता रसोई में पूजा करते थे। 1934 में दंगे हुए। उसके बाद से मुस्लमानों को एक्सक्लूसिव अधिकार आंतरिक अहाते में नहीं रहा। मुस्लिमान उसके बाद से अपना एकाधिकार सिद्ध नहीं कर पाए। हिन्दू निर्विवाद रूप से बाहर पूजा करते रहे। 9 दिसंबर 1992 को मस्जिद का ढांचा ढहा दिया गया था। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की संवधौनिक पीठ ने 1047 पेज का डिसीजन जारी किया है। इस पीठ में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के साथ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण एवं जस्टिस अब्दुल नजीर ने फैसला सुनाया। यह फैसला पांचों जजो की सर्व सम्मति से सुनाया गया।
दोनो संप्रदाय के लोगों ने स्वीकार किया फैसला -ः

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते है। सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे लोक अदालत है। संवैधानिक पीठ ने करीब 4 महीने के भीतर सूबतों एवं तीनों पक्षों की सुनवाई एवं बयान के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है।
यशवंत भंडारी, वरिष्ठ समाजसेवी एवं वरिष्ठ रोटेरियन झाबुआ।
दशकों से पेडिंग मामले की हुई सुनवाई, खुशी का माहौल

माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सभी स्वागत करते हे। दशकों पूर्व से यह मामला लंबित चला आ रहा था। आज अयोध्या मामले में निर्णय हुआ है। इससे खुषी का माहौल है। झाबुआवासी सहित देश के लोगां इस निर्णय के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखे।
नीरजिंसह राठौर, अध्यक्ष, सकल व्यापारी संघ झाबुआ।
झाबुआ सहित देश में बना रहे अमन-चैन एवं खुशहाली
– माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम सभी इस्तकबाल करते है। यह निर्णय किसी जाति-धर्म का निर्णय ना होकर एक जमीन विवाद का मसला था, जिसका आज डिसीजन आया है। झाबुआ सहित देष में अमन-चैन एवं खुशहाली के साथ एकता और भाईचारा कायम रहे, यहीं हम सभी का फर्ज है।
मुर्तजा खान, जिला सदर, मुस्लिम पंचायत झाबुआ

भारत देश विकास के मार्ग पर होगा अग्रसर 
– माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को मैं स्वागत योग्य मानता हूॅ। इस निर्णय के आने के बाद अयोध्या मामले में राजनीतिक सरगर्मियों को विराम लगेगा तो अब देष की सरकारे भारत के विकास के मार्ग की ओर ध्यान देकर देष को विकास की ओर ले जाएगी। मेरी सभी हिन्दू एवं मुस्लिम धर्मावलंबियों से गुजारिष है कि वह धर्म और समाज के मुद्दों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर देष हित के बारे में मनन-चिंतन करे।
डॉ. वाहिद शेख ‘फराज’ वरिष्ठ साहित्यकार एवं मुस्लिम समाज के वरिष्ठ झाबुआ।

जिले में बनी रहीं शांति व्यवस्था 
– अयोध्या मामले में डिसीजन के बाद जिले में कहीं भी मुझे किसी भी प्रकार के कोई विवाद या घटना होने की जानकारी नहीं मिली है। आगामी दिनों में सभी जिलेवासियों से कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने में पुलिस प्रषासन को सहयोग करने की अपील है।
विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक, झाबुआ।

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