छुट्टी के बाद दर्जनभर सटोरियों ने फिर फैलाया गांवो में सट्टे का जाल | Chhutti ke baad darjan bhar satoriyo ne fir failaya ganvo main satte ka jaal

छुट्टी के बाद दर्जनभर सटोरियों ने फिर फैलाया गांवो में सट्टे का जाल

छुट्टी के बाद दर्जनभर सटोरियों ने फिर फैलाया गांवो में सट्टे का जाल

धामनोद (मुकेश सोडानी) - दीपावली के समय सट्टे का कारोबार बंद हो जाता है करीब 12 से 15 दिन तक यह कारोबार गांव से लेकर शहरों तक बंद रहा अब फिर सट्टे के कारोबारियो ने अपना काम शुरू कर दिया  जिससे अब शहर  एंव  आसपास गांवों में सट्टे की दुकानों से न केवल शहर का युवा तबका प्रभावित हो रहा हैं। बल्कि सट्टा युवाओ को जकड़ रहा है।जिसमे युवा काफी हद तक युवा आर्थिक रूप से फंसता जा रहा है।जिसके चलते छेत्र में क्राइम भी बढ़ता जा रही हैं। सेमलदा बगवानीया ओर दुधी तो सट्टा का गढ़ बनते जा  रहे है। बता दें कि धामनोद के अलावा बगवनाया सेमल्दा दुधी खलघाट क्षेत्र के युवा इन दिनों सट्टे जुए की बुरी लतों का शिकार होते जा रहै है। इस कारण शहर व गांव-गांव में खुली जुआ- सट्टा की दुकानें हैं। 

इस कारोबार से जुडे़ लोग क्षेत्र के युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनकी ¨जिदगी बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। इलाके में नशा और सट्टेबाजी के कारोबार में दिनों दिन बढ़ोतरी होने के साथ-साथ  इलाके में क्राइम का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। जो न केवल पुलिस के लिए चिंता का विषय है बल्कि यहां की आवाम के लिए भी परेशानी का सबब है। । सट्टा खाईवालों  से जुडे़ इन ग्रामीण क्षेत्र में बसे कुछ लोग अब पुलिस के लिए भी मुसीबत बनकर बैठे हैं क्योंकि कई बार शिकायत करने के बाद भी यह जंगल क्षेत्र में अपना काम कर रहे हैं जब पुलिस इन तक पहुंचती है तो रास्ते में बैठे संदेश वाहक सट्टे की दुकानें बंद करवा देते हैं इन्हें पकड़ना पुलिस के लिए भी अब एक चुनौती है

सट्टा भी अब ऑनलाइन :

सट्टे के कारोबार से जुडे़ लोग अब मोबाइल और इंटरनेट का भी सहारा लेने लगे हैं। सट्टा बाजार में आई  इस नई तकनीक के माध्यम से इससे जुड़े लोग अब दिन प्रतिदिन लाखों रुपये की गेम का अदान-प्रदान करने में लगे हुए हैं।  जिन पर अब तक पुलिस की नजर नहीं पहुंच पाई है सट्टे के धंधे से जुड़े यह तीन प्रमुख गांव अब पढ़ने लिखने वाले मासूम बच्चों को भी अपनी लत का शिकार बना कर उनकी जिंदगी  बर्बाद करने  पर तुले हुए हैं

थाना प्रभारी समय-समय पर दबिश देते हैं लेकिन गांव में बसे सटोरिये हाथ नहीं आते

सट्टे जुएं पर कार्रवाई करने के विषय में थाना प्रभारी दिलीप चौधरी लगातार कार्रवाई करते हैं जहां जहां सूचना मिलती है टीम गठित कर भेज देते हैं प्रकरण भी दर्ज किया जाता है लेकिन बगवानीया  सेमल्दा  क्षेत्र तो अब सट्टे का गढ़ बन चुके हैं वहां के करीब 8 से 10 सट्टेबाज पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर भोले-भाले ग्रामीणों को इस गोरखधंधे में लिप्त कर उनके परिवारो को उजाड़ने पर तुले हुए है

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