गायत्री शक्ति पीठ पर नवरात्र पर्व ध्यान साधना के साथ यज्ञ में आहुतिया प्रदान कर मनाया जा रहा | Gayatri shakti pith pr navratr parv dhyan sadhna ke sath yagy

गायत्री शक्ति पीठ पर नवरात्र पर्व ध्यान साधना के साथ यज्ञ में आहुतिया प्रदान कर मनाया जा रहा

गायत्री शक्ति पीठ पर नवरात्र पर्व ध्यान साधना के साथ यज्ञ में आहुतिया प्रदान कर मनाया जा रहा

अंजड (शकील मसूरी) - अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में शक्ति पीठ पर नवरात्र पर्व ध्यान साधना के साथ यज्ञ में आहुतिया प्रदान कर मनाया जा रहा है नवरात्र प्रारम्भ से प्रतिदिन प्रात: ध्यान साधना एंव पंचकुंडीय गायत्री यज्ञ में विश्व कल्याण व सबको सद्बुद्धि प्राप्त हो ऐसी भावनाओ को लेकर गायत्री परिजन यज्ञ में सैकड़ो आहुतिया प्रतिदिन प्रदान कर रहे है आज छटवे दिन माँ कात्यानि की विशेष आहुतिया यज्ञ में समर्पित की परिजनों ने बताया कि 6 अक्टूबर दुर्गा अष्टमी पर पुंशवन सस्कार नामकरण संस्कार मुंडन एंव अन्नप्रासन संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के प्रात: 8 बजे से यज्ञशाला में  आहुतिया प्रदान कर निःशुल्क किये जावेगे जीवन को भव्य बनाने वाली गायत्री विद्या की उपासना साधना आराधना का अनुष्ठान पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी एंव वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा की शुक्ष्म उपस्थिति में गायत्री परिजनों ने 24 हजार मन्त्र जाप 28 माला प्रतिदिन 8 दिन तक करके सबके उज्जवल भविष्य की प्रार्थना करते हुए पूर्णाहुति करते है  पूर्णाहुति 7 अक्टूबर नवमी पर प्रात: 9 बजे नव कुंडीय गायत्री यज्ञ के साथ सम्पन्न की जावेगी।

गायत्री शक्ति पीठ पर नवरात्र पर्व ध्यान साधना के साथ यज्ञ में आहुतिया प्रदान कर मनाया जा रहा

साथ ही अमृतासन प्रसाद कड़ी खिचड़ी प्रसादी का आयोजन  भी गायत्री शक्ति पीठ में होगा स्वछता अभियान के तहत डिस्पोजल ग्लास पत्तल का उपयोग गायत्री परिवार नही करेगा सभी श्रद्धालुओ के लिए स्टील की थाली ग्लास हजारो श्रद्धालुओ के लिए उपलब्ध कराई जावेगी साथ ही व्यसन से बचाकर सृजन में लगाने के संकल्प भी होंगे राष्ट्र को सुखी समृद्धि बलशाली बनाने और आत्म कल्याण के लिए गायत्री मंत्र लेखन अभियान भी चलाया जा रहा है गायत्री मंत्र लेखन की पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की गई है यज्ञ सस्कार का क्रम गोपाल परिव्राजक ओर अनिल भावसार,वेणीराम भाई गोविंद आवल्या ,प्रकाश शार्दूल  संगीत टोली के साथ मधुर संगीत प्रदान कर रहे है प्रतिदिन दो से तीन पारिओ में यज्ञ हो रहा है।



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