चलती बारिश में भी आस्था रही भारी स्थानीय श्रद्धालुओ और बाहर के कलाकारों ने किया गरबा | Chalti barish main bhi astha rhi bhari sthaniy shraddhaluo or bahar ke kalakaro

चलती बारिश में भी आस्था रही भारी स्थानीय श्रद्धालुओ और बाहर के कलाकारों ने किया गरबा 

चलती बारिश में भी आस्था रही भारी स्थानीय श्रद्धालुओ और बाहर के कलाकारों ने किया गरबा

बड़ी संख्या में पहुँचे माँ के भक्त

भारत के पारंपरिक गरबो के जीवंत दर्शन करने दूर दूर से आ रहे लोग

चलती बारिश में भी आस्था रही भारी स्थानीय श्रद्धालुओ और बाहर के कलाकारों ने किया गरबा

मेघनगर (जियाउल हक क़ादरी) - तेज बारिश और तेज हवा भी फ़ूटतालाब में गरबोत्सव माँ की भक्ति में डूबा दिखाई दिया l बारिश की मूसलाधार बूँदे भी माँ के भक्ति की आस्थाओं को नही डिगा सकी l श्रीवनेश्वर मारूति नँदन हनुमान प्रांगण में चल रहे प्रदेश के सबसे भव्य गरबा महोत्सव के दूसरे दिन से माँ के दर्शनों के लिए दूर दूर से श्रद्धालु पहुँचे l आयोजन सामिति की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य श्रीमती वीणा देवी जैन ने सामिति सदस्यो और परिवार केँ सदस्यो के साथ महाआरती कर माँ के चरणों मे वंदन किया l  गरबोत्सव  में  उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था और अनुशासन के साथ बाहर के कलाकारों और स्थानीय समूहों के गरबारास में भारत के पारंपरिक गरबो केँ दर्शन किये l  मेघनगर से आयोजन स्थल 5 किलोमीटर तक कि गयी विधुत सज्जा  का आकर्षण देखते ही बन रहा है वही दूधियाँ उजास में गरबा पंडाल फ़ूटतालाब में माँ के प्रति प्रतिदिन उमड़ रही आस्थाओं को गहरा कर रहा है l प्रदेश के वरिष्ठ समाजसेवी और आयोजन सामिति केँ सदस्य श्री सुरेश चंद पूणमल जैन  राजेश रिंकू जैन और मंदिर के महंत मुकेशदास जी महाराज ने बताया कि आयोजन में प्रदेश के श्रेष्ठ लोगो और कारीगरों को बुलाया गया है ताकि मंच , विधुत सज्जा और गायन श्रेष्ठ हो और सभी लोग आयोजन को बेहतर तरीके स्व सुन और देख सके l   जैकी जैन और सामिति सदस्यो ने युवाओं से आयोजन में आने का विशेष आग्रह किया हैं।

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