ठेकेदार के द्वारा अस्पताल की नई बिल्डिंग में लगा रहे चम्बल के रेत को वन विभाग ने किया जप्त | Thekedar ke dwara aspatal ki nai building main lga rhe chambal

ठेकेदार के द्वारा अस्पताल की नई बिल्डिंग में लगा रहे चम्बल के रेत को वन विभाग ने किया जप्त

ठेकेदार के द्वारा अस्पताल की नई बिल्डिंग में लगा रहे चम्बल के रेत को वन विभाग ने किया जप्त

मुरैना (संजय दीक्षित) - जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में ठेकेदार के द्वारा लगा रहे चंबल के रेत को वन विभाग के आला अधिकारियों ने करीब चार ट्रॉली रेत जप्त किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार की सुबह की गई है। चंबल के अवैध रेत को जप्त कर घड़ियाल सेंचुरी में रखवा दिया है। जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के पीछे करीब 600 बेड का नया अस्पताल बनाया जा रहा है ।जिसमें अवैध रूप से चंबल के रेत का उपयोग किया जा रहा है। वन विभाग को अवैध रेत की सूचना मिली तो वन विभाग के अमले ने मय फोर्स के रेत को जप्त कर देवरी इको घड़ियाल सेंटर पर रखवा दिया गया है। ठेकेदार के द्वारा रेत के अवैध निर्माण में मोटा मुनाफा कमाने के लिए सिंध के रेत की जगह चंबल के रेत का उपयोग किया जा रहा था।इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गयी।अस्पताल के निर्माण कार्य मे सिंध रेत की ट्रॉली करीब ₹6000 की आती है और चंबल के रेत की ट्रॉली महज 15 सो रुपए में डाली जाती है। जिसमें ठेकेदार को काफी मोटी रकम मिल जाती है ।सूत्रों की जानकारी के अनुसार ठेकेदार के द्वारा सरकारी कागजों में सिंध नदी के रेत का उपयोग होना बताया गया है ।जबकि सिंध के रेत की जगह चंबल के अवैध रेत का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा था।इससे पहले भी वन विभाग ने कलेक्टर के आदेश पर कार्रवाई की थी लेकिन ठेकेदार के द्वारा मनमाने तरीके से  अवैध रूप से बिल्डिंग के निर्माण में चम्बल के रेत का उपयोग किया जा रहा है। चंबल की रेत को काली गिट्टी से ढक दिया जाता है जिससे यह ना पता चल सके कि रेत है यह काली गिट्टी का चूरा पड़ा हुआ है। अस्पताल बनाने की बिल्डिंग में सैकड़ों चम्बल के रेत की ट्रॉलियां खफा दी गई है। लेकिन ठेकेदार के ऊपर अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। डीएफओ पीडी ग्रेवियल ने बताया कि आज सुबह करीब 4-5 ट्रॉली चंबल का रेत जिला अस्पताल की बिल्डिंग से जप्त किया गया है। इसमें ठेकेदार कौन है उसको नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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