पुलिस विभाग का राजवाड़ा स्थित भवन हुआ जर्जर, एक हिस्से की दीवार भर-भराकर गिरी, बड़ी दुर्घटना टली
झाबुआ (मनीष कुमट) - पुलिस विभाग के अधीनस्थ आने वाले शहर के मध्य राजवाड़ा पर स्थित भवन अत्यधिक जर्जर होकर बड़ी दुर्घटनाओं को बुलावा दे रहा है। पूरा भवन जीर्ण-षीर्ण होने से 21 सितंबर, शनिवार रात भवन के आगे के एक हिस्से की दीवार अचानक भरा-भराकर गिर गइ्र्र, हॉलाकि बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना में समीप खड़ी एक स्कूटी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त घटना शनिवार रात करीब 9 बजे की है। राजवाड़ा पर पुलिस विभाग के जीर्ण-शीर्ण भवन के आगे की एक हिस्से की दीवार देखते ही देखते पूरी की पूरी ढ़ह गई। भवन के बाहर ही पानी-पकोरी एवं नाश्ते की ठेलागाडि़यां लगी हुई थी, वहां ग्राहक भी खड़े थे, दीवार के जोर से गिरने की आवाज आने पर सभी वहां से भाग खड़े हुए वहीं ठेलागाड़ी व्यवसायी भी ठेलगाड़ी छोड़कर दूर भागकर उन्होंने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। समीप के दुकानदार भेरूलाल पोरवाल की स्कूटी खड़ी थी, जो दीवार का मलबे के नीचे पूरी तरह से दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। श्री पोरवाल द्वारा वाहन की नुकसानी दिलवाने की मांग पुलिस विभाग एवं जिला प्रषासन से की है।
पुलिस थाना एवं नगरपालिका को दी जानकारी
बाद घटनास्थल पर लोगां की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके से पुलिस थाना प्रभारी जोरावरसिंह को सूचना दी गई। उनके द्वारा यहां पुलिसकर्मियो के साथ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बाद नगरपालिका को सूचित करने पर नपा टीम ने भी पहुंचकर मिली जानकरी के अनुसार अगले दिन रविवार सुबह जेसीबी मषीन से मलवा साफ करवाकर ट्रेक्टर से अन्यत्र-स्थान पर फिकवाया।
पूरा भवन हो रहा जीर्ण-षीर्ण
ज्ञातव्य रहे है कि पुलिस विभाग का यह भवन भी वर्षों पुराना होकर अब जीर्ण-षीर्ण अवस्था में हो गया है। भवन के बाहर एवं अंदर की दीवारों एवं छतों पर दरारे पड़ी होने के साथ विद्युत फिटींग भी पुरानी होकर बाहर विद्युत तारे एवं पोल भी लगा हुआ है, यह भवन पल-पल बड़े हादसे का न्यौता दे रहा है, चूंकि राजवाड़ा पर चौवीसी घंटे आवागमन जारी होने से इस कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना यहां बनी हुई है। पूर्व में यहां पुलिस थाना एवं महिला परिवार परार्मष केंद्र का संचालन होने के साथ ही वर्तमान में पुलिस विभाग की विषेष शाखा विभाग का भी संचालन हो रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विभाग को नगरपालिका की सहायता से इसे समय रहते डिस्मेंटल करवाया जाना आवष्यक है, अन्यथा तेज बारिष के कारण जर्जर भवन से कभी भी बड़ा हादसा या घटना हो सकती है।
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