ग्रामीण अंचलों में कियोस्क संचालक कर रहे मनमानी | gramin anchal main kiosk sanchalak kr rhe manmani

ग्रामीण अंचलों में कियोस्क संचालक कर रहे मनमानी

ग्रामीण अंचलों में कियोस्क संचालक कर रहे मनमानी

खातेदारों के जमा पैसे उड़ा रहे कियोस्क संचालक

बालाघाट (टोपराम पटले) - बैंकों के द्वारा अपने उपभोक्तओं को ग्रामीण अंचलों में बैंकिग सुविधा दिलाये जाने हेतु इंटरनेट कियोस्क सुविधा प्रदान की गई है। जिसके तहत स्थानीय ग्रामीण लोगों को फेंचायसी एजेंसी दी गई है। जिसके तहत ग्रामीण अंचल के लोग बैंकिंग सुविधा का नॉमिनल राशि से कियोस्क खाता खोल रहे हैं। परन्तु जानकारी में आया है कि कियोस्क संचालक अपनी मनमानी और खातेदारों की राशि गैर कानूनी रूप से उड़ा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता रामप्रसाद मेरावी नेवरगांव मलाजखंड ने शिकायत किया है कि ग्राम जगला के निवासी पंकज रनकुहे जो कि फीनो बैंक एवं ग्रामीण बैंक कियोस्क सेंटर संचालक की फेंचायसी लिये हुये हैं और खातेदारों से उक्त राशि जमा लेनदेन और खाता खुलवाने का कार्य विगत 3-4 वर्षों से कर रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके द्वारा ग्रामीण बैंक कियोस्क सेंटर जगला में पंकज रनकुहे के माध्यम से 28 अगस्त 2019 को खाता खोलने हेतु अपने आवश्यक दस्तावेज फोटो,आधार,पेनकार्ड एवं 1500 रूपये की राशि नगद जमा करवाई थी। जब पीड़ित रामप्रकाश मेरावी ने 2/09/2019 को अपना खाता चेक किया तो अलग अलग रूप में 400 व 337 रूपये ही जमा पाये गये। जब इस संबंध में पीड़ित ने कस्टमर केयर से संपर्क साधा तो बताया गया कि 398 रूपये खाता खोलने व एटीएम चार्ज के लिये काटा गया है। इस प्रकार उसकी 1500 रूपये की जमा राशि में से मात्र 328 रूपये ही उसके खाते में जमा होना बताया गया है। शेष राशि का कुछ पता नहीं है। 

किओस्क संचालक द्वारा मनमानी की जा रही है

इस संबंध में जब रामप्रकाश मेरावी ने 10/09/2019 को पंकज रनकुहे से शेष राशि के बारे में पूछा तो उसने बताया कि 400 रूपये खाता खोलने का व्यय 250 रूपये,एटीएम व्यय एवं 398 रूपये बीमा की राशि व्यय बताया गया है। वहीं पीड़ित ने यह भी बताया कि उससे बीमा का कोई भी फार्म पंकज रनकुहे ने नहीं भरवाया था और न ही इस संबंध में उसे किसी प्रकार की जानकारी नहीं मांगी गई। बल्कि उससे कियोस्क संचालक पंकज रनकुहे के द्वारा अभद्र व्यवहार कर गाली गलोच की गई और उससे कहा गया कि इस बैंक का मैं संचालक हूं मै चाहे जिससे जितने भी पैसे लूं तु पूछने वाला होता कौन है। तुझसे जो  बनता है वह कर लेना पुलिस मेरा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकती है। इस तरह अपने खातेदारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुये उसे भगा दिया। शिकायत कर्ता ने मांग की है कि कियोस्क संचालक पंकज रनकुहे से उसकी राशि वापस दिलाई जाये और उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही किया जाये। 

जानकारी के मुताबिक यह भी मामला प्रकाश में आया है कि ग्रामीण अंचलों में संचालित जितने भी कियोस्क बैंक है उनमें लगातार अनियमितता और खातेदारों से नियम विरूद्ध राशि लिये जाने की शिकायत आ रही है। जिन कियोस्क सेंटरों में अनियमितता हो रही है वे बिरसा,दमोह,मानेगांव,मंडई,मोहगांव आदि हैं। जिनकी भी जांच की जानी चाहिये।

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