जिले के सर्वाधिक ओपीडी वाले थांदला उपस्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे मशीन लम्बे समय से खराब, डिजिटल एक्सरे की उठी मांग
थांदला (कादर शेख) - थांदला शासकीय चिकित्सालय जिले में सबसे ज्यादा ओपीडी देखने वाला चिकित्सालय है। यहाँ प्रतिदिन अनुमानित 485 मरीज विभिन्न बीमारियों का इलाज करवाने आते है। थांदला ब्लॉक की 67 पंचायत के 180 के लगभग गाँव मे वनांचल ग्रामीणों, मध्यमवर्गीय परिवार ईलाज के लिये इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। भौगोलिक दृष्टि से भी अगर देखा जाये तो थांदला पेटलावद मार्ग के भैरुघाट व थांदला कुशलगढ़ के घाट से घिरा होने से आयेदिन इस क्षेत्र में दुर्घटनायें भी होती रहती है। स्वास्थ्य प्रशासन यह सब जानता है बावजूद इसके वह यहाँ की चिकित्सीय व्यवस्थाओ में सुधार करना ही नही चाहता। इतने ज्यादा मरीजों व दुर्घटनाओं के केस आने के कारण स्टॉफ की कमी होने के बावजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश परस्ते, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप भारती व एम डी डॉ. मनीष दुबे की सेवाओं को अगर देखा जाए तो उन्होंने दिन हो या रात तमाम आभाव के बावजूद अपने समर्पण से इस क्षेत्र की सेवा में कोई कसर नही छोड़ी है। उनके साथ सहयोगी स्टॉफ का भी उनको पूरा सपोर्ट मिल रहा है। यहाँ की सर्वाधिक उपयोगी व आवश्यक एक्सरे मशीन विगत कई दिनों से बंद है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1980 में स्थापित यह मशीन अब चलन से ही बाहर हो चुकी है। इसके पार्ट्स तक मिलना मुश्किल है वही इसका रिजल्ट भी अब किसी काम का नही है, डिजीटल युग मे यह साधारण मशीन कई बार बिगड़ चुकी है, जिसके चलते यहाँ आये मरीजों को परेशानी तो होती ही है व निजी एक्सरे पर जाकर आवश्यकता से अधिक पैसा भी देना पड़ता है। यहाँ के एक्सरे रजिस्टर के मुताबिक 1 माह में अनुमानित 350 से 450 तक एक्सरे हो जाते है जिसे वर्ष 1983 से सिसौदिया ही बिना असिस्टेंट के अकेले ही अपनी सेवायें दे रहे है। जिला कलेक्टर व जिला स्वास्थ्य अधिकारी जिनके की यह अधिकार क्षेत्र में भी आता है उन्हें इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। पूर्व में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रदेशाध्यक्ष पवन नाहर द्वारा तत्कालीन प्रभारी मंत्री को भी इस स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक उपकरणों के विषय मे अवगत करवाया गया था जिसके परिणाम स्वरूप थांदला को सोनोग्राफी मशीन तो मिल गई लेकिन डिजिटल एक्सरे मशीन नही मिल पाई है। इस प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनकर तैयार है लेकिन सुविधाओं के आभाव में यह भी किसी काम का नही।
स्थानीय प्रशासन व राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के माध्यम से मुझे पता है थांदला में डिजिटल एक्सरे की सबसे ज्यादा जरूरत है वही विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी तो पूरे जिले में है। हमने इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवा दिया है, जैसे ही उपकरण के लिये कोई फंड आता है तो सबसे पहले थांदला के लिये एक्सरे स्वीकृत की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी - बच्चूसिंह बारिया।
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