माँ का अंतिम संस्कार कर 7 बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया | Maa ka antim sanskar kr 7 betiyo ne bete ka farz nibhaya

माँ का अंतिम संस्कार कर 7 बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया

माँ का अंतिम संस्कार कर 7 बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया

बडवाह (गोविंद शर्मा) - बेटी बचाओ अभियान की सार्थकता को सिद्ध करते हुए बडवाह की बेटियों ने यह साबित किया कि वह अपने माता-पिता के लिए वह सबकुछ कर सकती है जो बेटा करता है। बड़वाह स्थित हाउसिंग बोर्ड की 90 वर्षीय निवासी शांताबाई पति शोभाराम कदम का आकस्मिक निधन हो गया।चूँकि शान्ताबाई का पुत्र नही होने पर अंतिम संस्कार कौन करेगा के सवालों पर समाजिक रीती रिवाजो एवं परम्पराओं की पुरानी बेड़ियों को तोड़ते हुए शांताबाई की सभी 7 बेटिया ललिता, सलिता, मंगला,निशा विमला व चन्द्रावती कदम सहित मीनाक्षी ने न केवल मां की अंतिम समय तक सेवा की, बल्कि शवयात्रा में माँ की अर्थी को कांधा देकर नर्मदा तट स्थित मुक्तिधाम पर मुखाग्नि देकर बेटीयो का फर्ज अदा किया।

माँ का अंतिम संस्कार कर 7 बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया

बडवाह के हाउसिंग बोर्ड निवास से नर्मदा तट मुक्तिधाम तक माँ की निकली अंतिम यात्रा में सबसे छोटी बेटी मीनाक्षी कंडे की मटकी लेकर चल रही थी। इस दोरान सभी बहनों ने अपनी माताजी की अर्थी को कांधा देते हुए शवयात्रा में शामिल हुई मुक्तिधाम पर हुए अंतिम संस्कार में मीनाक्षी ने माँ के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। जिस माँ की ममता की छाव में बेटियों पली बड़ी हुई आज उसी माँ के अंतिम दर्शन के दृश्य को देख हर किसी की आँखे नम थी।

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