पटाखा लाइसेंस निरस्त, दीपावली के कारोबार पर संकट; दो महीने से समाधान का इंतजार

पटाखा लाइसेंस निरस्त, दीपावली के कारोबार पर संकट; दो महीने से समाधान का इंतजार

रीवा। दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन रीवा में पटाखा कारोबार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। थोक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त होने के करीब दो महीने बाद भी विवाद का समाधान नहीं निकलने का आरोप है। इससे थोक के साथ फुटकर कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। व्यापारियों को आशंका है कि समय रहते लाइसेंस संबंधी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो इस बार दीपावली का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

समस्या से परेशान थोक और फुटकर व्यापारी अपनी मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। व्यापारियों के मुताबिक, वहां उन्हें जानकारी दी गई कि कलेक्टर भोपाल में हैं। ऐसे में वे अपनी समस्या के निराकरण को लेकर अधिकारियों से स्पष्ट जवाब की प्रतीक्षा करते रहे।

पहले लाइसेंस जारी, फिर निरस्त करने पर सवाल

थोक व्यापारियों का दावा है कि मार्च में जिस स्थान के लिए उन्हें लाइसेंस जारी किया गया था, बाद में उसी स्थान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। व्यापारियों का सवाल है कि यदि संबंधित स्थान पर आबादी या सुरक्षा मानकों को लेकर आपत्ति थी तो लाइसेंस जारी करने से पहले इसका परीक्षण क्यों नहीं किया गया? अब लाइसेंस निरस्त होने के बाद कारोबारियों के सामने नया विकल्प तलाशने और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

फुटकर कारोबारियों की पूंजी भी फंसी

इस विवाद का असर केवल थोक विक्रेताओं तक सीमित नहीं है। फुटकर व्यापारी भी दीपावली को देखते हुए अपनी पूंजी लगा चुके हैं। लेकिन थोक कारोबार प्रभावित होने के कारण उन्हें पटाखों की उपलब्धता को लेकर चिंता सता रही है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के लिए की गई तैयारी और निवेश पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

प्रशासन से समाधान की मांग

व्यापारियों की मांग है कि जिला प्रशासन लाइसेंस निरस्तीकरण से जुड़े विवाद की समीक्षा करे और नियमानुसार जल्द समाधान निकाले। यदि पुराने स्थान पर लाइसेंस जारी रखना संभव नहीं है तो सुरक्षा मानकों के अनुरूप वैकल्पिक व्यवस्था के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि वैध तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

अब बड़ा सवाल यह है कि करीब दो महीने से लंबित इस विवाद का निराकरण दीपावली से पहले हो पाएगा या नहीं? लाखों रुपये की पूंजी लगाने वाले व्यापारियों को कब तक स्पष्ट जवाब मिलेगा? त्योहार के समय पटाखों की बिक्री और वितरण की व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाएगी?

दीपावली पर सुरक्षा नियमों का पालन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में समयबद्धता और पारदर्शिता भी है। अब व्यापारियों की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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