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| DIET रीवा में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न: अक्टूबर में जनशिक्षा केंद्रों पर होगा शैक्षिक संवाद |
रीवा - जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) रीवा में अक्टूबर माह में जनशिक्षा केंद्र स्तर पर आयोजित होने वाले शैक्षिक संवाद की तैयारियों को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के प्रभावी उपयोग और बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित करना था।
प्राचार्य और कोऑर्डिनेटर के नेतृत्व में आयोजन
कार्यशाला का आयोजन DIET रीवा के प्राचार्य श्री टी.पी. सिंह के मार्गदर्शन तथा संस्थान के कोऑर्डिनेटर श्री अशोक पटेल के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसमें रीवा जिले के सभी नौ विकासखंडों से आए नोडल अधिकारियों और जनशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
'शिक्षण-अधिगम सामग्री और सीखना' रहेगा मुख्य विषय
प्रशिक्षण का मुख्य दायित्व श्रीमती अर्चना मिश्रा ने निभाया। इस दौरान श्रीमती मिली सिंह, रामकृष्ण द्विवेदी, विशाल शुक्ला, राजेंद्र तिवारी, रामशरण सोनी और अर्चना पुरवार सहित अन्य सहजकर्ताओं ने शैक्षिक संवाद की बारीकियों को समझा। अक्टूबर माह के संकुल स्तरीय शैक्षिक संवाद का मुख्य विषय 'शिक्षण-अधिगम सामग्री और सीखना' तय किया गया है, जिसके माध्यम से कक्षाओं में बच्चों की समझ को गहरा करने पर चर्चा की जाएगी।
'आकलन से समझ, समझ से योजना' पर विशेष फोकस
कार्यशाला की प्रमुख टैगलाइन 'आकलन से समझ, समझ से योजना, योजना से बच्चों का बेहतर सीखना' रखी गई है। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के आकलन को केवल अंकों या प्रतिशत तक सीमित न रखा जाए। बल्कि आंकड़ों से आगे बढ़कर यह समझा जाए कि बच्चे किस स्तर पर सीख रहे हैं, उन्हें कहाँ कठिनाई आ रही है और उसके अनुसार सटीक शिक्षण योजना बनाई जाए।
जनशिक्षा केंद्र स्तर पर लागू होगी रणनीति
कार्यशाला में मिली जानकारी और समझ का उपयोग अब जनशिक्षा केंद्र (संकुल) स्तर पर आयोजित होने वाले शैक्षिक संवाद में किया जाएगा। उम्मीद है कि शिक्षकों के बीच इस प्रकार के अकादमिक आदान-प्रदान और आपसी सहयोग से जिले के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी व परिणामउन्मुख बनेगी।
