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| रीवा-मऊगंज में युवाओं के भविष्य पर चिंता, सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत |
रीवा/मऊगंज। युवाओं को नशे, गलत संगति और गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रखकर शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक दिशा से जोड़ना आज समाज की महत्वपूर्ण जरूरत है। रीवा और नवीन जिला मऊगंज में भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कम समय में अधिक पैसा कमाने के आकर्षण, दिखावे और सुख-सुविधाओं की बढ़ती चाह को लेकर सामाजिक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास, जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों, अस्थायी ठिकानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में संचालित गतिविधियों को लेकर चर्चाएं होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन स्थानों पर किसी गैरकानूनी गतिविधि की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य और संबंधित विभागों की जांच आवश्यक है। केवल किसी स्थान या व्यवसाय के आधार पर किसी व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान को संदेह के दायरे में रखना उचित नहीं होगा।
युवाओं को सही दिशा देना जरूरी
किशोरावस्था और युवावस्था जीवन के ऐसे चरण हैं, जब शिक्षा, संगति और पारिवारिक वातावरण का भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि युवा बिना मेहनत के अधिक कमाई के आकर्षण में पड़ जाते हैं या नशे जैसी आदतों की चपेट में आते हैं, तो उनकी पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बच्चों से नियमित संवाद, उनकी गतिविधियों पर संवेदनशील नजर और समस्याओं को समय रहते समझना जरूरी है। युवाओं को केवल डांटने या नियंत्रित करने के बजाय उनकी रुचियों, परेशानियों और जरूरतों को समझकर मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।
संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों पर हो निष्पक्ष जांच
यदि किसी होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या अन्य स्थान पर गैरकानूनी गतिविधि की विश्वसनीय शिकायत मिलती है, तो संबंधित विभागों को कानून के अनुसार उसकी जांच करनी चाहिए। जांच तथ्यों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए। किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, व्यवसाय या सामाजिक स्थिति के आधार पर पहले से निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
यदि किसी मामले में प्रभावशाली व्यक्तियों की मिलीभगत या संरक्षण के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
रोजगार और कौशल विकास से जुड़ें युवा
युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए केवल निगरानी पर्याप्त नहीं है। शिक्षा के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण, कौशल विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन के अवसर भी बढ़ाने होंगे।
स्थानीय स्तर पर रोजगार मेलों, प्रशिक्षण शिविरों, खेल प्रतियोगिताओं और करियर परामर्श कार्यक्रमों का आयोजन युवाओं को उपयोगी विकल्प उपलब्ध करा सकता है। स्कूलों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभाव, साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े जोखिमों पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।
समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी
युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, शिक्षक, सामाजिक संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और शैक्षणिक संस्थान भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समाज को ऐसी पहल करनी चाहिए, जिसमें युवाओं को अपनी समस्याएं साझा करने, सही सलाह पाने और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिले।
रीवा और मऊगंज में जरूरत इस बात की है कि युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं। जहां किसी गैरकानूनी गतिविधि की शिकायत हो, वहां निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई हो। साथ ही, किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध बिना प्रमाण आरोप लगाने से बचा जाए।
युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा समाज की सबसे बड़ी ताकत है। समय रहते जागरूकता, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। इसके लिए परिवार और प्रशासन को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां मेहनत, शिक्षा और ईमानदारी को सफलता का आधार बनाया जा सके।
