| उत्तर प्रदेश में किसानों–मजदूरों का महाआंदोलन: लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर, कई जगह जाम |
लखनऊ - चारों श्रम-संहिता वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी ₹42 हजार करने, काम के घंटे आठ करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य C2+50 प्रतिशत एवं खरीद की गारंटी करने, अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार (फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट) समझौता रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 व बीज संशोधन विधेयक 2025 रद्द करने, स्कीम वर्क्स को मानदेय की जगह न्यूनतम मजदूरी देने, प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड का गठन करने, शुगर उद्योग में वेतन पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी करने, पूर्वांचल एवं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण पर रोक लगाने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, किसानों का कर्ज माफ करने, सस्ता खाद उपलब्ध कराने, मनरेगा को भंग करने की कोशिश रोकने/मांग पूरी करने, नई शिक्षा-नीति 2020 वापस लेने आदि मांगों को लेकर इण्टक, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू, टीयूसीसी, एआईयूटीयूसी, सेवा, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों राज्य व केन्द्रीय कर्मचारियों की स्वतन्त्र फेडरेशनों का संयुक्त मंच के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में किसानों, मजदूरों ने जगह-जगह रास्ता रोककर धरना-प्रदर्शन किया। इसमें पूरे प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा किसानों–मजदूरों ने भाग लिया।
यहाँ राज्य–केन्द्र पर प्राप्त सूचना के अनुसार गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, इटावा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कासगंज, गोण्डा, अलीगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, बस्ती आदि जिलों में कार्यक्रम हुए। कई जिलों में मजदूरों किसानों ने ज्ञापन सौंपा। लखनऊ में मजदूर किसानों ने परिवर्तन चौक पर इकट्ठा होकर राज्यपाल भवन के लिए मार्च किया। के०डी० सिंह बाबू स्टेडियम के पास पुलिस ने रोक दिया जहाँ सभा हुई।
सभा को एटक के महामंत्री चन्द्रशेखर, इण्टक के महामंत्री एच०एन० तिवारी, एचएमएस के महामंत्री उमाशंकर मिश्र, सीटू के महामंत्री प्रेमनाथ राय, टीयूसीसी के महामंत्री डॉ० आर०सी०, सेवा से सीता बहन, एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार एवं एक्टू के नेता के०एम०एस० मगन, उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रवीण सिंह, अखिल भारतीय किसान यूनियन के (शक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव आदि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में अरुण गोपाल मिश्रा, अविनाश पांडे, पीयूष मिश्रा, विद्याकांत तिवारी, जितेंद्र तिवारी, हर्ष वर्धन, संतोष, विक्रम सिंह गोंड, और देवेंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में भारी संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पाँच सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल राज्यपाल कार्यालय जाकर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मण्डल में चन्द्रशेखर, उमाशंकर मिश्र, एच०एन० तिवारी, सत्येन्द्र कुमार मौर्या, अनिल कुमार शुक्ला शामिल थे। भारतीय किसान यूनियन अवध संबद्ध हिंद मजदूर सभा के सैकड़ों सदस्यों ने साथी राजेंद्र यादव और राधेश्याम यादव के नेतृत्व में लखनऊ विकास प्राधिकरण के समक्ष मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन किया।
इसके पूर्व बेगम हजदरातहल पार्क के समक्ष उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरे देश का नारा "कारपोरेट भारत छोड़ो" है। उन्होंने कहा कि पूरे देश का बिजली मजदूर बिजली के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। आज रात्रि 12:00 बजे से हरियाणा के बिजली कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर जा रहे हैं।