वार्ड अध्यक्ष देवेंद्र कोल का बड़ा आरोप: तीन माह से बंद पड़े दोनों हैंडपंप, शासन के आदेश बेअसर

वार्ड अध्यक्ष देवेंद्र कोल का बड़ा आरोप: तीन माह से बंद पड़े दोनों हैंडपंप, शासन के आदेश बेअसर 

अनूपपुर - भीषण गर्मी और पेयजल संकट के दौर में नगर पालिका परिषद अनूपपुर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भारतीय गण वार्ता भगवा पार्टी के वार्ड क्रमांक-6 के अध्यक्ष देवेंद्र कोल ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वार्ड के दोनों हैंडपंप पिछले लगभग तीन माह से बंद पड़े हैं। कई बार शिकायत और सूचना देने के बावजूद आज तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे वार्ड के सैकड़ों लोग पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं।

देवेंद्र कोल ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन एवं जिला कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र का हैंडपंप बंद नहीं रहना चाहिए तथा सभी पेयजल स्रोतों को नियमित रूप से संचालित रखा जाए। इसके बावजूद नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि इन निर्देशों के पालन में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जो शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना है।

उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक-6 में संचालित दोनों हैंडपंप खराब होने के कारण लोग दूर-दराज से पानी लाने को विवश हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से नगर पालिका और संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

वार्ड के रहवासी सुमित राठौर, गगन कोल, राहुल कोल और युवराज राठौर ने भी नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता पर भी यदि प्रशासन संवेदनशील नहीं है, तो आम जनता आखिर अपनी समस्या लेकर किसके पास जाए। उनका कहना है कि शिकायतों के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई।

वार्ड अध्यक्ष देवेंद्र कोल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही दोनों हैंडपंपों को चालू नहीं कराया गया तो वार्ड क्रमांक-6 की जनता नगर पालिका परिषद के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब शासन और जिला प्रशासन पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दे चुके हैं, तब आखिर वार्ड क्रमांक-6 के बंद पड़े हैंडपंपों की सुध लेने वाला कौन है? क्या नगर पालिका परिषद अनूपपुर शासन के निर्देशों का पालन कराने में विफल है, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण आम जनता को पानी जैसी मूलभूत सुविधा से भी वंचित रहना पड़ रहा है?

नगर पालिका प्रशासन से अपेक्षा है कि वह बंद पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराए और बताए कि लगातार शिकायतों के बावजूद तीन माह तक पेयजल व्यवस्था बहाल क्यों नहीं की जा सकी। आखिर जनता को उसके अधिकार का पानी कब मिलेगा, इसका जवाब अब नगर पालिका प्रशासन को देना ही होगा।

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