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| शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नवाचार और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ करें कार्य- कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह |
नरसिहंपुर - कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केवल संसाधनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि पढ़ाने वाले और पढ़ने वाले दोनों में दृढ़ इच्छाशक्ति होना सबसे महत्वपूर्ण है। संसाधन कभी भी पढ़ाई में बाधक नहीं बनते, यदि शिक्षक और विद्यार्थी संकल्प एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने प्राचार्यों एवं जन शिक्षकों से कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए नवाचारों को अपनाते हुए परिणामोन्मुखी कार्य करें।
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने ये निर्देश करेली स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शिक्षा विभाग की विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में सत्र 2026-27 के नामांकन, कक्षा 1, 6 एवं 9 में प्रवेश की प्रगति, शून्य, 5 एवं 10 से कम नामांकन वाली शालाओं की स्थिति, अपार आईडी, कक्षा 5, 8, 10 एवं 12 के परीक्षा परिणाम, यू-डाइस प्लस स्टूडेंट प्रोग्रेसन एवं ड्रॉपबॉक्स सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
नामांकन कम पाए जाने पर नोटिस, बेहतर कार्य करने वाले प्राचार्यों को सम्मानित किया जाए
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने निर्देश दिए कि जिले में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्रवार नामांकन की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में दर्ज कक्षा पहली,पांचवी और आठवीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों की सोमवार तक लाइन लिस्ट तैयार की जाए, जिन्होंने सत्र 2026-27 में किसी भी विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया है। ऐसे सभी बच्चों का चिन्हांकन कर उनका पुनः नामांकन सुनिश्चित किया जाए। एजुकेशन पोर्टल 3.0 में नामांकन की समीक्षा के दौरान कक्षा पहली में बच्चों का नामांकन अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर सीएसी एवं प्राचार्य केरपानी तथा सीएसी एवं प्राचार्य बरमान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। वहीं जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी सुआतला द्वारा नामांकन बढ़ाने के लिए किए गए नवाचारों एवं प्रयासों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसकी कलेक्टर ने सराहना करते हुए अन्य जनशिक्षा केन्द्रों को भी ऐसे प्रयास अपनाने के निर्देश दिए। इसी तरह शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमगांवबड़ा प्राचार्य श्री लेखराम पारासर ने बताया कि विगत सत्र में कक्षा 12 वीं के सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि इस प्रकार की उपलब्धि हासिल करने वाले प्राचार्यों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्ष कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम अपेक्षानुरूप नहीं रहे। इस वर्ष सभी प्राचार्य एवं शिक्षक अभी से सुनियोजित रणनीति बनाकर कार्य करें, ताकि प्रदेश की मेरिट सूची में नरसिंहपुर जिले के विद्यार्थी अव्वल स्थान प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जिले के अनेक विद्यार्थियों को सफलता मिली थी। इसी प्रकार इस वर्ष भी प्रारंभ से ही व्यवस्थित तैयारी कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त समय मिल सके और वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। कलेक्टर ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों का कम्युनिकेशन स्किल विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है, जितना उन्हें पढ़ाना। प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख सके, इसके लिए विद्यालयों में अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। एफएलएन सर्वे में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी प्राचार्य अभी से प्रभावी तैयारी करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन खेल गतिविधियों के लिए एक कालखंड निर्धारित किया जाए। सप्ताह में एक दिन बैगलेस डे आयोजित कर बच्चों को गतिविधि आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ा जाए। साथ ही कला, संस्कृति एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी विद्यालयी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अधिकारियों को विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति तथा एफएलएन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नरसिंहपुर जिले को प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक टीम भावना के साथ पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता से कार्य करें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा, डीपीसी, प्राचार्य और जनशिक्षक मौजूद थे।
आजतक 24 के प्रशासन से सवाल
1. कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्ष 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम अपेक्षानुरूप नहीं रहे। क्या जिला प्रशासन उन विद्यालयों और अधिकारियों की सूची सार्वजनिक करेगा जहां लगातार खराब परिणाम आ रहे हैं, और उनके खिलाफ क्या जवाबदेही तय की गई है?
2. शत-प्रतिशत नामांकन के निर्देश हर वर्ष दिए जाते हैं, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) वाले बच्चों की संख्या अब भी बनी रहती है। इस वर्ष ड्रॉपआउट रोकने के लिए जिला प्रशासन कौन-सी नई और ठोस रणनीति लागू करेगा, और इसकी निगरानी कैसे होगी?
3. नवाचार, बैगलेस डे, खेल गतिविधियां और एफएलएन की बात की गई है। क्या जिला प्रशासन इन सभी गतिविधियों के वास्तविक क्रियान्वयन का स्वतंत्र मूल्यांकन कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा, ताकि यह पता चल सके कि कितने विद्यालयों में ये केवल कागजों तक सीमित हैं और कितनों में वास्तव में लागू हैं?
