बुरहानपुर के पटवारी पवन शुक्ला पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, उपमुख्यमंत्री ने बंगले से निकाला बाहर, कड़े एक्शन की तैयारी

बुरहानपुर के पटवारी पवन शुक्ला पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, उपमुख्यमंत्री ने बंगले से निकाला बाहर, कड़े एक्शन की तैयारी

भोपाल/बुरहानपुर - मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला के नाम पर राजनैतिक रसूख दिखाने और ट्रांसफर के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले बुरहानपुर के विवादित पटवारी पवन शुक्ला पर गाज गिरी है। अपनी स्वच्छ और ईमानदार छवि के लिए जाने जाने वाले माननीय उपमुख्यमंत्री ने गंभीर शिकायतों और आपराधिक कृत्यों के संज्ञान में आने के बाद आरोपी पटवारी को अपने कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

पिताजी के गिड़गिड़ाने पर मिली थी जगह, भूल गया औकात

सूत्रों के अनुसार, जिला बुरहानपुर में पदस्थ पटवारी पवन शुक्ला के पिताजी के काफी निवेदन करने और गिड़गिड़ाने पर उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने सहानभूति दिखाते हुए उसे अपने भोपाल स्थित कार्यालय (अमहिया बंगले) में संबद्ध (Attach) कर लिया था। लेकिन कार्यालय में जगह मिलते ही पटवारी पवन शुक्ला अपनी मर्यादा भूल गया। वह प्रशासनिक सेवा के नियमों को ताक पर रखकर माननीय संगठन मंत्री, माननीय सांसद और विधायकों के साथ मंच साझा करने लगा और खुद को बड़ा रसूखदार दिखाने की कोशिश में जुट गया।

ट्रांसफर के नाम पर 1 लाख की ठगी, ठेकेदारों को भी बनाया शिकार

रसूख की आड़ में पटवारी पवन शुक्ला पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी लंबी शिकायत उपमुख्यमंत्री जी तक पहुँची। आरोप है कि भिंड में पदस्थ स्टाफ नर्स श्रीमती निशा पांडे का ट्रांसफर रीवा कराने के एवज में पवन शुक्ला ने ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की भारी-भरकम राशि ऐंठी थी। ट्रांसफर न होने पर जब नर्स ने पैसे वापस मांगे, तो उसने रकम लौटाने से साफ मना कर दिया। इसके अलावा, उसकी फितरत में कई ठेकेदारों के साथ सांठगांठ करना, उनसे काम कराने के नाम पर लंबी रकम लेकर मैनेज करना और बाद में उन्हें बेवकूफ बनाना शामिल रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने बंगले से खदेड़ा, फोन बंद कर भागा आरोपी

इन तमाम गंभीर आपराधिक और भ्रष्टाचारी कारनामों की शिकायत मिलते ही उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो दिन पूर्व ही पटवारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कह दिया— "अब इस अमहिया बंगले में तुम दोबारा दिखाई मत देना।" उपमुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद आरोपी पटवारी बंगला छोड़कर भाग खड़ा हुआ और वर्तमान में उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है।

कलेक्टर और शासन की कार्रवाई पर टिकी जनता की निगाहें

उपमुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर किए जाने के बाद अब बुरहानपुर जिला कलेक्टर, माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन और प्रमुख सचिव इस भ्रष्टाचारी पटवारी पर क्या कानूनी व विभागीय कार्रवाई करते हैं, इस पर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं। आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग की मांग है कि इस तरह के भ्रष्ट अधिकारियों पर शीघ्र ही बर्खास्तगी और कानूनी केस दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा प्रशासन और शासन से समाज का विश्वास उठ जाएगा।

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