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| रीवा में आदिवासी कांग्रेस नेता अमित कोल की चाकू मारकर हत्या, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार |
रीवा - शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत बिंद विहार कॉलोनी के समीप आदिवासी कांग्रेस नेता अमित कोल की चाकू मारकर की गई हत्या के मामले में रीवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात अमित कोल अपने परिचितों के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि विवाद के दौरान तीनों आरोपियों ने अमित कोल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष जांच दल का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के अंतिम कथनों, प्रारंभिक पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों की तलाश के लिए सिविल लाइन थाना, साइबर सेल एवं अन्य पुलिस टीमों को अलग-अलग स्थानों पर रवाना किया गया था। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपी—लकी दाहिया, मोनू दाहिया एवं अंकित दाहिया—को गिरफ्तार कर लिया गया है। वर्तमान में तीनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में रखकर घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है तथा अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी लोग एक साथ बैठे हुए थे और इसी दौरान किसी बात को लेकर आपसी विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू से हमला कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उनके विरुद्ध पहले से दो से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी अथवा अचानक हुए विवाद का परिणाम।
मृतक अमित कोल के संबंध में बताया गया है कि वे सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे और आदिवासी समाज के सक्रिय नेता के रूप में उनकी पहचान थी। वे अनूपपुर जिले के राजेंद्र नगर थाना प्रभारी के पुत्र थे। उल्लेखनीय है कि उनके पिता दो दिन बाद पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे समय में पुत्र की हत्या की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
रीवा शहर में हाल के दिनों में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
