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| अम्बिकापुर; कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक,संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा |
अम्बिकापुर - कलेक्टर ने जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों पर प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक एवं श्री रामसिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप सहित सम्बंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में नक्शा प्रोजेक्ट में प्रगति, एग्रिस्टेक पंजीयन, जाति प्रमाण पत्र में प्रगति, एनएचएम अंतर्गत भर्ती, ई केवाईसी में प्रगति, आयुष्मान कार्ड निर्माण, डीएमएफ अंतर्गत अपूर्ण कार्यों की स्थिति सहित अन्य विषयों पर समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर समीक्षा की गई।
सुशासन तिहार के प्राप्त आवेदनों को समय पर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के दिए निर्देश-
कलेक्टर श्री वसंत ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मांग संबंधी आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि मांग संबंधी सभी आवेदन जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को समय पर लाभ मिल सके। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित एवं निराकृत आवेदनों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों से आवेदन निराकरण की स्थिति, प्रगति तथा शेष मामलो की जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि आवेदनों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब न हो। अन्य प्राप्त शिकायतों को भी गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने कहा।
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा, समय-सीमा में निराकरण के निर्देश-
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सी एम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण में प्रगति विभाग की कार्यशैली दर्शाती है, इसलिए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण किया जाए। आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी समस्या के निराकरण की पुष्टि करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यथासंभव एल 1 स्तर पर ही शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
डीएमएफ एवं अन्य मदों से स्वीकृत पिछले वर्ष के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने एवं ग्राम पंचायतों को लंबित वसूली कार्य पूरा करने दिए निर्देश-
कलेक्टर ने डीएमएफ एवं अन्य मदों तहत स्वीकृत, पूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की विभागवार जानकारी ली। पिछले वर्ष के सभी निर्माण कार्यों को समय- सीमा पर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। जनपद पंचायतवार विभिन्न पंचायत के स्वीकृत निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्तावित आरआरसी प्रकरणों की समीक्षा कर समय अवधि में लंबित वसूली कार्य पूर्ण करने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
फौती नामांतरण सहित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश-
कलेक्टर श्री वसंत राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फौती नामांतरण से संबंधित लंबित शिकायतों एवं प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए तथा सभी तहसीलदारों को 6 माह से पूर्व के सभी प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग अपने मूलभूत कार्यों में गंभीरता लाए तथा आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, आधार सीडिंग, डिजिटल हस्ताक्षर, किसान किताब पत्र, जेंडर प्रविष्टि, कोटवारी भूमि, अतिक्रमण सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आजतक 24 के प्रशासन से सवाल
1. हर समीक्षा बैठक में लंबित आवेदनों और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जिले में ऐसे कितने मामले हैं जो बार-बार समीक्षा के बावजूद महीनों से लंबित हैं? क्या किसी अधिकारी पर लापरवाही के लिए कार्रवाई भी हुई है या केवल निर्देश जारी करने तक ही बात सीमित है?
2. पिछले वर्ष डीएमएफ और अन्य मदों से स्वीकृत जिन निर्माण कार्यों को अब तक पूरा नहीं किया जा सका, उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही कैसे तय होगी? क्या प्रशासन ऐसे विलंबित कार्यों की सार्वजनिक सूची जारी करेगा?
3. फौती नामांतरण, सीमांकन और नामांतरण के मामलों में ग्रामीणों को अक्सर कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। क्या जिला प्रशासन यह बता सकता है कि पिछले एक वर्ष में कितने राजस्व कर्मचारियों या अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं और उनमें क्या कार्रवाई हुई?
