ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए दो भारतीय नाविकों के शव पहुँचे भारत, परिवारों की अनिश्चितता हुई खत्म

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए दो भारतीय नाविकों के शव पहुँचे भारत, परिवारों की अनिश्चितता हुई खत्म

नई दिल्ली/हमीरपुर - ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाज़ (मर्चेंट शिप) 'एमटी सेटेबेलो' पर हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले दो भारतीय नाविकों—आँचल रक्षक (डेक कैडेट) आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के पार्थिव शरीर भारत वापस लाए गए हैं। शवों की वापसी से पीड़ित परिवारों की हफ्तों से चली आ रही अनिश्चितता और दुख का दौर तो खत्म हो गया है, लेकिन इस घटना ने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में आम नागरिक जहाजों की सुरक्षा और राजनैतिक चिंताओं को फिर से उजागर कर दिया है।

ज्ञात हो कि अलग-अलग अमेरिकी हमलों में अब तक तीन भारतीयों की मौत हो चुकी है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में दुखद रूप से जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के शव भारत वापस भेज दिए गए हैं। इस अत्यंत मुश्किल समय में हमारी गहरी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं।"

परिवारों की अनिश्चितता हुई खत्म, पिता ने लगाई थी गुहार शवों के स्वदेश लाए जाने से सबसे बड़ी राहत हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा के परिवार को मिली है। आदित्य के परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए उसका शव घर लाने में मदद की सार्वजनिक अपील की थी। आदित्य के पिता राजीव शर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी, साथ ही उस जानलेवा हमले की वजह बनी परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी थी। परिवार वालों ने बताया कि आदित्य के जल्द ही घर लौटने की उम्मीद थी और उसने जहाज़ पर अपना कार्यभार केवल एक महीने के लिए ही आगे बढ़ाया था।

कैसे हुआ था यह जानलेवा हमला? यह दुखद घटना 10 जून को हुई जब ओमान में सोहार के तट से लगभग 30 समुद्री मील (नॉटिकल मील) दूर, पलाऊ देश के ध्वज वाले तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी नौसेना ने अचानक हमला कर दिया था। इस तेल टैंकर पर कुल 24 भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य सवार थे।

भारतीय दूतावास के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र को सूचित किया गया था, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया। इस व्यापक अभियान के चलते चालक दल के 21 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और वे अब अपने घर लौट रहे हैं, जबकि इस हमले में तीन भारतीय नाविकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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