![]() |
| भारत में 'टेलीग्राम' पर अस्थाई रोक से गरमाई सियासत, राहुल गांधी बोले—'चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के दरवाजे पर ताला |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र (पेपर) लीक की चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने भारत में प्रसिद्ध संदेश भेजने वाले ऐप 'टेलीग्राम' पर अस्थाई रूप से पाबंदी लगा दी है। सरकार के इस कदम के बाद देश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी बोले—चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के दरवाजे पर ताला राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर सरकार ने 22 जून 2026 तक के लिए भारत में टेलीग्राम की पहुंच (एक्सेस) रोक दी है। इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) 'एक्स' पर लिखा, "प्रश्नपत्र लीक रोकने का मोदी सरकार का नया हथकंडा। यानी चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के ही दरवाजे पर ताला लटका दो।"
राहुल गांधी ने छात्रों का पक्ष लेते हुए कहा कि देश के करोड़ों छात्र सालों से टेलीग्राम के जरिए अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, जहां उन्हें अध्ययन सामग्री (नोट्स), अभ्यास परीक्षा (टेस्ट सीरीज) और सामूहिक चर्चा की सुविधा मिलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों से यह सुविधा छीन लेना प्रश्नपत्र लीक का समाधान कैसे हो सकता है?
'क्या अगला प्रतिबंध व्हाट्सएप पर होगा?' राहुल गांधी ने सरकार के इस कदम के असरदार होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह तरीका बिल्कुल भी अचूक नहीं है और यह बात देश का बच्चा-बच्चा और प्रश्नपत्र लीक कराने वाला माफिया भी अच्छी तरह जानता है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर इससे भी लीक नहीं रुका, तो सरकार अगला प्रतिबंध किस पर लगाएगी? क्या व्हाट्सएप पर?
उन्होंने परीक्षा के दिनों में की जाने वाली सख्त जांच और इंतजामों पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी ली जाएगी, कैंची से उनकी जेबें तक काट दी जाएंगी। प्रश्नपत्रों को वायुसेना के जरिए भेजा जाएगा। यानी दिखावे में कोई कमी नहीं होगी। लेकिन बीमारी की असली जड़ पर एक भी वार नहीं किया जाएगा, क्योंकि प्रश्नपत्र लीक माफिया इसी सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहा है और युवाओं को खून के आंसू रुला रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि वह यह सब दिखावा बंद करें और छात्रों के बजाय सीधे लीक माफिया पर कठोर कार्रवाई करें।
आखिर सरकार ने टेलीग्राम को क्यों किया अवरुद्ध? दरअसल, यह पूरा विवाद 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से जुड़ा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने केंद्र सरकार से टेलीग्राम को अवरुद्ध (ब्लॉक) करने की मांग की थी। एजेंसी का आरोप था कि कुछ संगठित नकल माफिया और गिरोह इस मंच का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने और धोखाधड़ी करने के लिए कर रहे हैं। इसी शिकायत के बाद सरकार ने परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद (22 जून तक) के लिए टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी है।
टेलीग्राम पहुंचा दिल्ली उच्च न्यायालय सरकार के इस झटके के बाद टेलीग्राम कंपनी ने तुरंत कानूनी रास्ता अपनाया है। टेलीग्राम ने भारत में अपनी सेवाओं पर लगी इस अस्थाई रोक को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। टेलीग्राम के अधिवक्ता माधव खोसला ने न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ (वेकेशन बेंच) के सामने इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की, जिस पर अदालत ने आज ही इस याचिका पर सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है।
