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| कच्चे तेल की कीमतें घटने पर भी तुरंत सस्ता नहीं होगा पेट्रोल-डीजल; केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का बड़ा बयान |
नई दिल्ली - अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम नहीं किए जाएंगे। केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने पर भी ईंधन की कीमतें तत्काल कम नहीं की जा सकतीं, क्योंकि इसके निर्धारण में कई महत्वपूर्ण कारक शामिल होते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि युद्ध के समय होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) में जहाजों की नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमत 100 मुद्रा प्रति पीपा (बैरल) तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर लगभग 80 मुद्रा प्रति पीपा पर आ गई है। हालांकि, इस सस्ते कच्चे तेल को समुद्री मार्ग और जहाजों की भारी आवाजाही के बीच भारत पहुँचने में अभी कुछ समय लगेगा, इसलिए देश में स्थिति सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगेगा।
उन्होंने फरवरी 2026 में शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान तेल कंपनियां गंभीर रूप से प्रभावित हुईं और केंद्र सरकार ने लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का भारी वित्तीय बोझ खुद उठाकर जनता को राहत दी थी। किसी भी राज्य सरकार ने अपने उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में कटौती कर अपना राजस्व कम नहीं किया था। अतः सरकारी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और तेल कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए तत्काल कीमतें घटाना संभव नहीं है।
