नर्मदापुरम; उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों को बढ़ावा देकर कृषि को बनाएं लाभ का व्यवसाय - कलेक्टर

नर्मदापुरम; उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों को बढ़ावा देकर कृषि को बनाएं लाभ का व्यवसाय -  कलेक्टर 

नर्मदापुरम - प्रतिवर्ती हल, सबसॉइलर, स्ट्रॉ रीपर, रोटावेटर, ग्रेडर मशीन, स्प्रेयर सहित विभिन्न उन्नत कृषि यंत्रों का अवलोकन किया तथा उनके उपयोग एवं कार्यप्रणाली की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मिश्रा ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसान कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग कर कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से कृषि कार्य कम समय में आसानी से संपादित किए जा सकते हैं तथा नरवाई प्रबंधन में भी प्रभावी सहायता मिलती है। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा करते हुए नरवाई जलाने की गलत प्रथा को हतोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर नरवाई मुक्त ग्राम की दिशा में कार्य करना चाहिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहे। 

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने माखननगर स्थित स्ट्रॉ सप्लाई चैन हाईटेक हब के स्ट्रॉ कलेक्शन सेंटर में चल रहे नरवाई कलेक्शन कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने संचालक श्री भूपेंद्र राजपूत से चर्चा कर नरवाई प्रबंधन की तकनीकों की जानकारी ली। संचालक द्वारा बताया गया कि बेलर मशीन के माध्यम से खेतों से नरवाई एकत्रित कर उसकी बेल्स तैयार की जाती हैं। कलेक्टर श्री मिश्रा ने निर्देश दिए कि जिले में अधिक से अधिक क्षेत्रफल को कवर करते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों एवं बेलर मशीनों का उपयोग कर प्रभावी नरवाई प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कृषि अभियांत्रिकी विभाग से सहायक यंत्री श्री चंदन सिंह बरकड़े सहित अन्य अधिकारी गण एवं किसान बंधु उपस्थित रहे। 

आजतक 24 के प्रशासन से सवाल

1. किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन जिले के कितने छोटे और सीमांत किसानों ने वास्तव में कस्टम हायरिंग सेंटर से यंत्र किराये पर लिए हैं? क्या प्रशासन के पास ऐसे आंकड़े हैं जो साबित करें कि यह सुविधा बड़े किसानों तक सीमित नहीं है?

2. नरवाई न जलाने की अपील हर वर्ष की जाती है, फिर भी कई स्थानों पर खेतों में आग लगाने की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले वर्ष जिले में नरवाई जलाने के कितने मामले दर्ज हुए, कितने किसानों पर कार्रवाई हुई और उसके बाद भी यह समस्या क्यों बनी हुई है?

3. आधुनिक कृषि यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपये की सब्सिडी देती है। जिले में पिछले तीन वर्षों में वितरित कृषि यंत्रों का कोई ऑडिट हुआ है या नहीं, ताकि यह पता चल सके कि मशीनें वास्तव में खेतों में उपयोग हो रही हैं या सिर्फ सब्सिडी लेने तक सीमित रह गई हैं?

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