| बालाघाट: MRP से महंगी शराब बेचने पर आबकारी विभाग का चाबुक, दो दुकानों पर 3.26 लाख से अधिक का जुर्माना Aajtak24 News |
बालाघाट - जिले में मदिरा दुकानों द्वारा ग्राहकों से निर्धारित अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूलने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। ओवररेटिंग और लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर विभाग ने दो मदिरा दुकानों पर कुल 3 लाख 26 हजार 743 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है।
जिला आबकारी अधिकारी अजीत एक्का ने बताया कि मदिरा दुकानों पर अधिक दर पर शराब बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने विशेष कार्ययोजना बनाकर 'आकस्मिक निरीक्षण' और 'टेस्ट परचेस' (अचानक ग्राहक बनकर खरीदना) की कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामला 1: कटंगी-ए मदिरा दुकान पर 2.38 लाख से ज्यादा की पेनाल्टी
आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त कटंगी द्वारा कंपोजिट मदिरा दुकान 'कटंगी-ए' में की गई कार्रवाई के दौरान पाया गया कि विदेशी मदिरा 'आइकॉनिक व्हाइट व्हिस्की' का पाव (180 ML), जिसकी निर्धारित MRP 211 रुपये है, उसे ग्राहकों को 230 रुपये में बेचा जा रहा था।
अवैध वसूली: प्रति पाव 19 रुपये अधिक वसूले जा रहे थे।
कार्रवाई: लायसेंसी नॉरविच ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नोटिस दिया गया। जवाब असंतोषजनक मिलने पर इसे प्रथम अपराध मानते हुए 2,28,950 रुपये का जुर्माना और अनुज्ञप्ति शर्तों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया।
मामला 2: गर्रा मदिरा दुकान पर करीब 88 हजार रुपये का जुर्माना
इसी तरह की दूसरी बड़ी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त वारासिवनी द्वारा गर्रा स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान पर की गई। यहाँ जांच के दौरान 'मेकडावल व्हिस्की' का पाव (180 ML), जिसकी MRP 201 रुपये निर्धारित है, उसे 220 रुपये में बेचा जा रहा था।
अवैध वसूली: यहाँ भी प्रति पाव 19 रुपये की अतिरिक्त और अवैध वसूली प्रमाणित हुई।
कार्रवाई: प्रकरण में लायसेंसी स्मोकिन लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर प्रथम अपराध के तहत 77,793 रुपये का जुर्माना और लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना अधिरोपित किया गया।
भविष्य के लिए सख्त हिदायत
जिला आबकारी अधिकारी अजीत एक्का ने जिले के सभी मदिरा लायसेंसियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय न किया जाए। यदि दोबारा इस तरह की लापरवाही या अवैध वसूली पाई गई, तो और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।