| सीहोर; आष्टा सिविल अस्पताल में आयुष्मान योजना की राशि में 46 लाख का महाघोटाला, रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर की रकम Aajtak24 News |
सीहोर - सेवादल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र खंगराले ने कार्यालय सिविल अस्पताल आष्टा से आयुष्मान भारत निरामायम योजना अन्तर्गत प्रोत्साहन की राशि सन 2018 से 2025 तक के भुगतान/वितरण की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत् प्राप्त की गई। जिसमें उक्त राशि जो लगभग 46 लाख के करीब है। उसके स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉक्टरों व विभाग के अन्य कर्मचारियों के बीच प्रोत्साहन के रूप में वितरण की जानी थी। उक्त राशि निरामायम योजना के समय-समय पर प्रभारी रहे चेकर एवं मेकर डॉ.प्रवीर गुप्ता, डॉ.सुरेश कुमार माहोर, डॉ.जी.डी सोनी एवं श्री एम.एल.वर्मा की आईडी तथा पासवर्ड की मिली भगत से संविदा कर्मचारी प्रमोद परमार, जगदीश मेवाड़ा द्वारा उनके रिस्तेदार प्रमोद परमार, कान्ता परमार, दिक्षा परमार, बविता परमार, शुभम परमार एवं जगदीश मेवाड़ा, सागर मेवाड़ा द्वारा राशि सम्बंधितों के बैंक खाते में आष्युमान योजना की राशि बंदरबाट कर निकालकर हड़प की जा चुकी है। उक्त जानकारी श्री खंगराले द्वारा आरटीआई के तहत् प्राप्त की गई है, जिसमें सीएमएचओ श्री डेहरिया द्वारा छ: सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है। समिति की रिपोर्ट के लेख में 46 लाख के गवन के प्रकरण में कोई कार्यवाही नही होना यह दर्शाता है कि प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ.मोहन यादव की भाजपा सरकार में जिले में भ्रष्टाचार खूब फलफूल रहा है और दोषियों पर कोई कार्यवाही नही किये जाना वरिष्ठ अधिकारियों को संदेह गेहरे में लाता है। जबकि छ: सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट जिले के कलेक्टर को भी सौंपी जा चुकी है। श्री खंगराले द्वारा प्रकरण में राजेन्द्र शुक्ला उप मुख्यमंत्री तथा मंत्री लोक स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग, राज्यसभा के वरिष्ठ सांसद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रमुख सचिव संदीप यादव, आयुक्त तरूण भाटी, संचालक मलिका निगम नागरे, दिनेश श्रीवास्तव एवं कलेक्टर सीहोर की जनसुनवाई में जिला पंचायत सीहोर को मांग पत्र सौंप कर दोषियों पर एफआईआर एवं उनकी सेवाऐं समाप्त कर जैल भेजने की मांग की गई है। साथ ही सेवादल कांगे्रस अध्यक्ष नरेन्द्र खंगराले ने चैतावनी भी दी है कि यदि शीघ्र दोषियों पर कार्यवाही नही हुई तो कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जावेगा, जिसकी समस्त जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।