| बलरामपुर; अपराधियों की उल्टी गिनती शुरू! एसपी की समीक्षा बैठक से निकला बड़ा संदेश |
बलरामपुर - जिले में लंबित अपराधों, साइबर ठगी, नशा तस्करी, गुमशुदा व्यक्तियों और महिलाओं से जुड़े मामलों के तेजी से निराकरण को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों, मर्ग जांच, गुमशुदगी, चीटफंड और धोखाधड़ी के मामलों, पीड़ित मुआवजा योजनाओं, साइबर अपराध, एनडीपीएस अधिनियम, पॉक्सो मामलों, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही तथा यातायात व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक थाना प्रभारी को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
गुमशुदा व्यक्तियों और विशेष रूप से बच्चों के मामलों को लेकर भी बैठक में गंभीरता दिखाई गई। एसपी ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बच्चों की तलाश और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सक्रियता दोनों आवश्यक हैं। नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए पुलिस अधीक्षक ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क की आर्थिक जांच, फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन, बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंक की पड़ताल तथा जब्त वाहनों के राजसात की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर भी विशेष चिंता व्यक्त की गई। एसपी ने पुलिस अधिकारियों को म्यूल अकाउंट, सोशल इंजीनियरिंग, फर्जी एपीके, ओटीपी फ्रॉड और पॉइंट ऑफ सेल से जुड़े नए साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली को समझने और उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई। महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर चर्चा करते हुए एसपी वैभव बैंकर ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों के जल्द निराकरण और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
अपराध नियंत्रण के लिए निवारक निरोध और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को प्रभावी हथियार बताते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों से असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने को कहा। उनका मानना है कि अपराध होने के बाद कार्रवाई से अधिक महत्वपूर्ण अपराध को पहले ही रोकना है। यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एसपी ने शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के सफर करने, ट्रिपल राइडिंग, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जागरूकता अभियानों को भी तेज करने की बात कही।
बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए भी पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को सतर्क रहने की नसीहत दी। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने तथा लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक के अंत में एसपी वैभव बैंकर ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस का सर्वोच्च दायित्व है और इसी उद्देश्य को लेकर पूरे जिले में प्रभावी पुलिसिंग को और मजबूत बनाया जाएगा।