बिलासपुर; तीन घंटे मीटिंग, तीन घंटे मैदान… सचिव ने पूछा—योजनाएं कागज पर चलेंगी या शहर बदलेगा?

बिलासपुर; तीन घंटे मीटिंग, तीन घंटे मैदान… सचिव ने पूछा—योजनाएं कागज पर चलेंगी या शहर बदलेगा?

बिलासपुर - बिलासपुर के शहरी विकास और नगर निगम की कार्यप्रणाली को नई गति देने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नवनियुक्त सचिव आर. संगीता ने अपने पहले दौरे में प्रशासनिक समीक्षा और जमीनी निरीक्षण दोनों को प्राथमिकता दी। दिन में अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा और शाम तक विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास केवल फाइलों में नहीं, शहर की सड़कों और नागरिक सुविधाओं में दिखना चाहिए। सुबह कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में हुई समीक्षा बैठक में सचिव ने नगर निगम के कामकाज की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी नगरीय निकाय की मजबूती उसकी राजस्व व्यवस्था से तय होती है। इसी को देखते हुए पिछले वित्तीय वर्ष की 15 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए दिसंबर 2026 तक की समयसीमा तय की गई।

समीक्षा के दौरान सचिव ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन हर हाल में माह के पहले सप्ताह में सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में विकास कार्यों की धीमी टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। सचिव ने निर्देश दिए कि टेंडर जारी होने के बाद अनुबंध प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और समयसीमा समाप्त होते ही कार्य शुरू कराया जाए ताकि परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी न रहें।

उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया। विशेष रूप से पीएम ई-बस सेवा, कोनी चार्जिंग स्टेशन, बस डिपो, और मधुबन एजुकेशन हब के नालंदा परिसर व एकेडमिक ब्लॉक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पीएम आवास योजना के बीएलसी घटक की समीक्षा के दौरान सचिव ने उन हितग्राहियों से सीधे संवाद किया जिन्होंने निर्माण शुरू नहीं किया या अधूरा छोड़ दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे लाभार्थियों से संपर्क कर निर्माण शुरू कराने की पहल की जाए।

शहर की स्वच्छता को लेकर सचिव का रुख सबसे ज्यादा सख्त नजर आया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी नाला-नाली जाम नहीं रहनी चाहिए, सभी घरों से नियमित कचरा संग्रहण हो और सार्वजनिक स्थानों तथा शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। मैदानी निरीक्षण के दौरान सचिव ने कछार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चार्जिंग स्टेशन, पीएम आवास परियोजना और अन्य स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असली मूल्य तभी है जब उनका लाभ नागरिकों को समय पर और प्रभावी तरीके से मिले।

दौरे के अंतिम चरण में मोपका गौठान स्थित एसआरएलएम सेंटर में स्वच्छता दीदियों से संवाद करते हुए उन्होंने महिलाओं से स्वच्छता आंदोलन को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर को साफ और व्यवस्थित बनाने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा, राजस्व लक्ष्य और निरीक्षण के निर्देश आने वाले महीनों में जमीन पर कितना असर दिखाते हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. पिछले वर्षों में जिन परियोजनाओं में टेंडर और क्रियान्वयन में देरी हुई, उनके लिए क्या किसी अधिकारी या एजेंसी की जवाबदेही तय की गई?

2. 15 करोड़ की बकाया राजस्व वसूली का लक्ष्य तय हुआ है—यदि दिसंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो क्या कार्रवाई होगी?

3. शहर को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार समीक्षा और दौरे हो रहे हैं, लेकिन क्या नगर निगम के पास ऐसा सार्वजनिक डैशबोर्ड है जहां नागरिक परियोजनाओं और सफाई व्यवस्था की वास्तविक प्रगति देख सकें?

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