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| राजगढ़; गोवंश वध पर बुलडोजर एक्शन!” – तीन आरोपियों के घर जमींदोज Aajtak24 News |
राजगढ़ - गोवंश वध मामले में प्रशासन ने बुधवार को सख्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए सारंगपुर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 स्थित आमीन जाकिर मुकरेवाड़ा इलाके में तीन मुख्य आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई में जिन आरोपियों के मकान तोड़े गए उनमें
- जाकिर पिता मोहम्मद हुसैन (गाडरी वाडा चौक)
- आमीन पिता युनुस खान (पटेल वाडी, सारंगपुर)
- महबूब उर्फ लंगड़ा पिता मुंशी कुरैशी (बड़ा कसाई वाडा, सारंगपुर) शामिल हैं।
तीन घंटे चला ऑपरेशन, पुलिस बल रहा पूरी तरह तैनात
प्रशासनिक टीम ने लगभग तीन घंटे तक चले इस अभियान में दो जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और तीन थानों की पुलिस व्यवस्था संभालती रही। भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए इलाके को नियंत्रित किया गया और रास्तों को अस्थायी रूप से बंद किया गया।
उच्च स्तरीय निगरानी में चला पूरा अभियान
कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे—
- अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) सारंगपुर
- एसडीओपी
- नगर पालिका सीएमओ
- तहसीलदार
- थाना प्रभारीगण
ड्रोन और ग्राउंड निगरानी के जरिए पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश – अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने साफ कहा है कि
“कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या मकान ध्वस्त करने से गोवंश वध जैसी घटनाओं की रोकथाम लंबे समय तक सुनिश्चित हो पाएगी, या यह केवल प्रतीकात्मक सख्ती है?
- क्या प्रशासन यह स्पष्ट कर सकता है कि आरोपियों के मकान अवैध कैसे पाए गए—क्या पहले नोटिस और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पालन की गई थी?
- क्या ऐसे मामलों में केवल संपत्ति पर कार्रवाई पर्याप्त है, या फिर नेटवर्क और सप्लाई चेन पर भी समान रूप से कार्रवाई की जा रही है?
