बंगाल के 'किंगमेकर' से 'किंग' तक का सफर: शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री Aajtak24 News

बंगाल के 'किंगमेकर' से 'किंग' तक का सफर: शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री Aajtak24 News

कोलकाता: शुक्रवार, 8 मई 2026 की शाम पश्चिम बंगाल के इतिहास में दर्ज हो गई है। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में नवनिर्वाचित बीजेपी विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में खुद गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे। बैठक का एजेंडा साफ था—अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाना। जैसे ही अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और 'जय श्री राम' के नारों से गूंज उठा।

निर्विरोध चुने गए नेता, शाह हुए भावुक

अमित शाह ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए केवल शुभेंदु अधिकारी का ही नाम प्रस्तावित किया गया था और किसी अन्य नाम पर चर्चा की जरूरत ही नहीं पड़ी। शाह ने शुभेंदु को फूलों की माला पहनाई और भावुक स्वर में कहा, "यह जीत उन 321 कार्यकर्ताओं के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने बंगाल में लोकतंत्र की बहाली के लिए अपनी जान गंवाई। आज शुभेंदु का मुख्यमंत्री बनना उन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है।"

भवानीपुर की ऐतिहासिक जीत ने बदला भाग्य

शुभेंदु अधिकारी का कद पार्टी में तब और ऊंचा हो गया जब उन्होंने ममता बनर्जी को उनके सबसे सुरक्षित किले 'भवानीपुर' में करारी शिकस्त दी। इससे पहले 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में 'दीदी' को हराया था। लगातार दो बार राज्य की सबसे कद्दावर नेता को मात देने का इनाम बीजेपी आलाकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपकर दिया है। शाह ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि बंगाल के 23 में से 20 जिलों में बीजेपी ने पहले नंबर पर रहकर इतिहास रचा है।

कल सुबह 11 बजे 'राजतिलक'

विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी राजभवन के लिए रवाना हुए, जहाँ वे राज्यपाल से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, कल सुबह 11 बजे शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही, चर्चा है कि राज्य में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए दो डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं, जिनके नामों की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

बंगाल में बदलाव की लहर

शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार रहे शुभेंदु ने अब उन्हीं की विरासत को चुनौती देकर अपनी नई राह बनाई है। बंगाल की जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि 'सोनार बांग्ला' के वादे को शुभेंदु अधिकारी कितनी तेजी से धरातल पर उतारते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post