दौलतपुर की रात्रिकालीन चौपाल में झलकी सेवा और सद्भाव की तस्वीर Aajtak24 News

कलेक्टर ने सुनी समस्याएँ, ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन के लिए जुटाए लाखों रुपए 

ग्वालियर - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप, शासन की योजनाओं को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान गुरुवार रात भितरवार विकासखंड के ग्राम दौलतपुर पहुँचीं। गाँव के बीचों-बीच आयोजित इस 'रात्रिकालीन चौपाल' में न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण हुआ, बल्कि सामाजिक समरसता और जन-भागीदारी की एक अद्भुत मिसाल भी देखने को मिली। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित जिले के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।

मौके पर ही समस्याओं का समाधान और बीपीएल सूची का वाचन

कलेक्टर ने गाँव की चौपाल पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चौपाल में बीपीएल (BPL) सूची का सार्वजनिक वाचन कराया गया। ग्रामीणों की सहमति से जहाँ पात्र 5 गरीब परिवारों के नाम सूची में जोड़ने के निर्देश दिए गए, वहीं उन 5 लोगों के नाम हटाने का निर्णय लिया गया जो अब गाँव में नहीं रहते या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्राप्त सभी आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

सेवादार सिंह की दरियादिली: कोरोना पीड़ित बेटी के सिर पर सजाएंगे छत

चौपाल का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कु. माया जाटव की समस्या सामने आई। माया के पिता का निधन कोरोना काल में हो गया था और उसका मकान अधूरा था। यह सुनकर गाँव के ही निवासी श्री सेवादार सिंह ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने कलेक्टर के समक्ष घोषणा की कि वे अपने व्यक्तिगत खर्च से माया के मकान की पक्की छत का निर्माण कराएंगे। सेवादार सिंह के इस पुनीत कार्य की कलेक्टर और एसपी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की, वहीं पूरे गाँव ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

विवाद खत्म, भाईचारा शुरू: कलेक्टर की समझाइश पर मिले दो भाई

प्रशासनिक सख्ती के साथ कलेक्टर का संवेदनशील पक्ष भी यहाँ नजर आया। जमीन को लेकर दो सिख भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को श्रीमती चौहान ने आपसी समझाइश से सुलझाया। कलेक्टर की बात मानकर दोनों भाइयों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और पुराने गिले-शिकवे दूर कर भाईचारे का संदेश दिया।

जन-भागीदारी की मिसाल: सामुदायिक भवन के लिए ग्रामीणों ने खोला खजाना

गाँव में एक सामुदायिक भवन की आवश्यकता महसूस होने पर जब कलेक्टर ने आह्वान किया, तो ग्रामीणों ने उत्साह के साथ सहयोग का हाथ बढ़ाया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 2 लाख 9 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा कर दी। ग्रामीणों के इस जज्बे को देख कलेक्टर, एसपी और सीईओ ने भी अपनी ओर से क्रमशः 21-21 हजार और 11-11 हजार रुपए देने का संकल्प लिया। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि शेष राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विशेष आग्रह कर स्वीकृत कराई जाएगी, ताकि गाँव में एक भव्य भवन बन सके।

इन योजनाओं का मिला तत्काल लाभ

चौपाल केवल संवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया:

  • पेंशन योजना: 4 हितग्राही।

  • संबल योजना (अनुग्रह सहायता): 2 हितग्राही।

  • आयुष्मान कार्ड: 4 हितग्राही।

  • नामांतरण: 8 मामले सुलझाए गए।

  • लाड़ली लक्ष्मी योजना: 5 बच्चियों को लाभ।

  • नि:शुल्क पुस्तक वितरण: 10 छात्र-छात्राओं को सामग्री प्रदान की गई।

सुरक्षा का भरोसा: एसएसपी का संवाद

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह ने ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस आपकी सहायता के लिए हर समय तत्पर है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। दौलतपुर की यह रात्रिकालीन चौपाल सुशासन का एक जीवंत उदाहरण बनी, जहाँ अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाओं और आपसी सहयोग के जरिए ग्रामीणों का दिल जीत लिया।

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