| सीहोर; एमआरपी निर्धारण पर नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन Aajtak24 News |
सीहोर - अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला इकाई सीहोर द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) निर्धारण सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में एमआरपी निर्धारण प्रक्रिया पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई। ग्राहक पंचायत ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि वर्तमान में उत्पादों की एमआरपी संबंधित कंपनियों द्वारा स्वयं निर्धारित की जाती है, जिसके कारण कई बार उत्पादों की वास्तविक उत्पादन लागत और विक्रय मूल्य के बीच अत्यधिक अंतर देखने को मिलता है। संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं के शोषण की आशंका बढ़ जाती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई मामलों में विशेष रूप से दवाइयों के क्षेत्र में उत्पादन लागत की तुलना में एमआरपी काफी अधिक निर्धारित की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक भार उठाना पड़ता है। ग्राहक पंचायत ने मांग की कि सरकार एमआरपी निर्धारण की प्रक्रिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करे ताकि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के समन्वय से ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे एमआरपी निर्धारण की प्रक्रिया को विनियमित किया जा सके। साथ ही इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण, बोर्ड या आयोग के गठन का भी प्रावधान किया जाए।
इस दौरान ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिव प्रसाद दलोदरिया, उपाध्यक्ष मनीष राठौर, विधि आयाम जिला प्रमुख मानसिंह सेन, जिला कार्यकारिणी सदस्य कमलेश राठौर, प्रदीप राठौर, रवि लोधी, गगन सेन, मुकेश यादव, प्रशांत राठौर, लोकेंद्र राठौर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।