पुत्रवधु को बहला-फुसलाकर ले जाने और गहने-नगदी हड़पने का आरोप, तीन के खिलाफ रिपोर्ट Aajtak24 News

पुत्रवधु को बहला-फुसलाकर ले जाने और गहने-नगदी हड़पने का आरोप, तीन के खिलाफ रिपोर्ट Aajtak24 News

नीमच - क्षेत्र के ग्राम कचोली निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पुत्रवधु को बहला-फुसलाकर ले जाने, सोने-चांदी के जेवरात व नगदी हड़पने और जान-माल को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित ससुर ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उत्तराखंड यात्रा के बहाने ले गए थे मायके

ग्राम कचोली निवासी भोनीशंकर धनगर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पुत्र अनिल का विवाह करीब 3-4 वर्ष पूर्व हिन्दू रीति-रिवाज से ममता (पिता लालुराम धनगर, निवासी ग्राम भदवा) के साथ हुआ था। विवाह के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन करीब 17-18 माह पहले ममता के पिता लालुराम उसे उत्तराखंड यात्रा के बहाने अपने साथ ले गए। तब से ममता वापस अपनी ससुराल नहीं लौटी और मायके ग्राम भदवा में ही रह रही थी।

लाखों के गहने और नगदी हड़पने का आरोप

शिकायतकर्ता भोनीशंकर के अनुसार, शादी के समय उन्होंने बहू ममता को करीब एक लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बनवाकर दिए थे, जिसमें:

  • दो तोले का सोने का हार और 16 मोतियों की मोहनमाला

  • 400 ग्राम चांदी का कंदोरा और 300 ग्राम चांदी की पायजेब

  • 50 ग्राम चांदी की चेन शामिल हैं।

इसके अलावा शादी के समय लालुराम को 2.50 लाख रुपये नगद भी दिए गए थे। आरोप है कि ममता पीहर जाते समय ये सभी जेवरात अपने साथ ले गई थी, जिसे अब वापस नहीं किया जा रहा है।

बिना तलाक के दूसरे युवक के साथ रखने का सनसनीखेज आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिता लालुराम ने कानूनी व वैधानिक तलाक कराए बिना ही ममता का विवाह देवरी बेलारा निवासी घनश्याम (पिता मन्नाल धनगर) के साथ करा दिया है। घनश्याम को अनिल और ममता की शादी की पूरी जानकारी होने के बावजूद उसने ममता को अवैध रूप से पत्नी बनाकर अपने कब्जे में रखा हुआ है। इस पूरे मामले में घनश्याम के पिता मन्नाल और मामा बापुलाल (निवासी आंत्रीखुर्द) भी शामिल हैं। आरोप है कि मामा बापुलाल द्वारा पीड़ित परिवार को लगातार केस को लेकर डराया-धमकाया जा रहा है।

परिजनों को बहू से मिलने तक नहीं दिया

पीड़ित परिवार ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले जब अनिल अपनी पत्नी को लेने भदवा गया, तो ससुर लालुराम ने ममता से मिलने तक नहीं दिया और उसे भेजने से साफ मना कर दिया। इसकी रिपोर्ट अनिल ने 3 मई 2026 को मनासा थाने में दर्ज कराई थी। इसके दो दिन बाद जब पिता भोनीशंकर खुद बात करने गए, तो लालुराम ने घनश्याम और बापुलाल का हवाला देकर उन्हें भगा दिया। भोनीशंकर धनगर ने मनासा थाना प्रभारी से गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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