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| मऊगंज; जल जीवन मिशन' की फूटी किस्मत; एक तरफ बूंद-बूंद को तरसती जनता, दूसरी तरफ बह रहा लाखों लीटर साफ पानी Aajtak24 News |
मऊगंज - एक तरफ जहां सरकार 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर तक पानी पहुंचाने और जल संरक्षण के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। मऊगंज जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गढ़ के कार्यालय के ठीक सामने से सरकारी लापरवाही और बेशुमार जल बर्बादी का एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पाइपलाइन की खराबी के कारण पिछले कई दिनों से रोजाना लाखों लीटर साफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है, जबकि स्थानीय लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
तालाब और झील में तब्दील हुई मुख्य सड़क
ग्राम पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट के पास मुख्य मार्ग पर पानी का एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जो किसी छोटे सरोवर या झील जैसा प्रतीत होता है। जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन का वाल्व (स्विच) खराब होने के कारण पानी का तेज बहाव लगातार जारी है। यह पानी न केवल गड्ढे में जमा हो रहा है, बल्कि पूरी सड़क और आसपास की बस्ती में बह रहा है। इसके कारण पूरी सड़क कीचड़ और गंदगी से सराबोर हो चुकी है, जिससे राहगीरों, दोपहिया वाहनों और ऑटो चालकों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पंप चालक की बेबसी: बिजली का संकट और मानदेय का दर्द
इस पूरे मामले पर जब मौके पर मौजूद पंप चालक पुष्पेंद्र कुमार सोनी (निवासी गढ़) से बात की गई, तो उन्होंने व्यवस्था की गंभीर कमियों को उजागर किया। पंप चालक ने बताया, "पिछले लगभग तीन दिनों से पानी की सप्लाई लाइन का मुख्य स्विच खराब है, जिसके कारण पानी रुक नहीं रहा है। इससे पहले बिजली का बिल जमा न होने के कारण काम रुका हुआ था, लेकिन किसी तरह सोर्स-सिफारिश लगाकर बिजली का कनेक्शन जुड़वाया गया, ताकि लोगों को पानी मिल सके। परंतु अब स्विच खराब होने से पानी लगातार बह रहा है।"
पंप चालक ने अपना दर्द बयां करते हुए यह भी बताया कि उन्हें इस काम के लिए लंबे समय से कोई पैसा या मानदेय नहीं मिला है। इसके बावजूद वे सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि टंकी की क्षमता लगभग ढाई लाख लीटर पानी की है और यदि इसे जल्द ठीक नहीं किया गया, तो पूरी टंकी का पानी इसी तरह बहकर बर्बाद हो जाएगा।
जनता में भारी आक्रोश, प्रशासन बना मूकदर्शक
एक तरफ जहाँ इस भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीण दूर-दूर से डिब्बे और जरकीन लेकर पानी की जुगाड़ में भटकने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ पंचायत प्रशासन की नाक के नीचे ढाई लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी का पानी सड़कों पर बह रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि समस्या की जानकारी होने के बाद भी ग्राम पंचायत गढ़ के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। पानी के इस भयंकर अपव्यय को रोकने के लिए अभी तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों ने मऊगंज जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस समस्या का तुरंत संज्ञान लिया जाए, खराब वाल्व को युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए और जल जीवन मिशन के कार्यों में घोर लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
