खंडवा; जनसुनवाई में खुलीं व्यवस्था की परतें: कहीं रिटायरमेंट के बाद भी भुगतान नहीं Aajtak24 News

खंडवा; जनसुनवाई में खुलीं व्यवस्था की परतें: कहीं रिटायरमेंट के बाद भी भुगतान नहीं Aajtak24 News

खंडवा - हर मंगलवार होने वाली जनसुनवाई इस बार भी सिर्फ आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि कई ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था और जमीनी चुनौतियों पर सवाल खड़े किए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समाधान के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सबसे गंभीर मामलों में एक मामला सेवानिवृत्त विकासखंड अधिकारी प्रतापसिंह मुवेल का सामने आया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त होने के बावजूद उन्हें अब तक ग्रेच्युटी, जीपीएफ और पेंशन जैसी राशि प्राप्त नहीं हुई है। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पात्रता अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक अन्य मामले में ग्राम रेवाड़ा निवासी नानकराम ने शिकायत की कि उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने के बाद भी अनुपयोगी सामग्री उनके घर के पास पड़ी हुई है, जिससे असुविधा हो रही है। इस पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में सामाजिक सुरक्षा और खाद्यान्न व्यवस्था से जुड़ा मामला भी सामने आया। खालवा तहसील के ग्राम चिकतलाई निवासी मिथुन काजले ने बताया कि कोरकू जनजाति से होने और पात्र होने के बावजूद उन्हें राशन कार्ड पर मुफ्त अनाज नहीं मिल रहा है। इस पर संबंधित अधिकारियों को पात्रता अनुसार सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीण विकास से जुड़ा एक संवेदनशील मामला पंधाना विकासखंड की ग्राम पंचायत डोंगरगांव से सामने आया, जहां ग्रामीणों ने सरपंच पर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। कलेक्टर ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं शहर के सब्जी मंडी हम्मालों ने मजदूरी दर बढ़ाने की मांग रखी। उनका कहना था कि वर्षों से मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ी है। इस पर मंडी सचिव को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई ने एक बार फिर यह दिखाया कि लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद अभी भी सीधे प्रशासनिक हस्तक्षेप से जुड़ी हुई है। अब सवाल यह है कि निर्देशों के बाद समाधान कितनी तेजी से जमीन पर दिखाई देता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि एक सरकारी अधिकारी को सेवानिवृत्ति के बाद भी वर्षों तक भुगतान नहीं मिला, तो आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान की स्थिति कैसी होगी?
  2. राशन, भ्रष्टाचार और अधूरे प्रशासनिक काम जैसे मामले जनसुनवाई तक पहुंचने से पहले विभागीय स्तर पर क्यों नहीं सुलझ पाए?
  3. जिन मामलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं, क्या प्रशासन उनकी समय-सीमा और कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा?

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