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| रीवा: 'गढ़ बाज़ार' में अतिक्रमण का तांडव, कागजों में हटा लेकिन जमीनी हकीकत में टस से मस नहीं हुआ अवैध कब्जा Aajtak24 News |
रीवा - मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत तहसील मनगवां और जनपद पंचायत गंगेव की प्रमुख ग्राम पंचायत गढ़ में प्रशासन की नाक के नीचे अतिक्रमण का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर स्थित 'गढ़ बाज़ार' में बेलगाम हो चुके इस अतिक्रमण के कारण आम जनता का निकलना दूभर हो गया है। विशेषकर रविवार और बुधवार के बाज़ार वाले दिनों में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि महज़ 1 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को दो-दो घंटे तक का समय लग रहा है। किसी आपातकालीन या आवश्यक कार्य से जाने वाले राहगीर इस भारी जाम में पूरी तरह बेबस नज़र आते हैं।
कानून की नाक के नीचे 'कब्जा खेल': जब थाना ही सुरक्षित नहीं, तो रोड का क्या कहना?
इस मामले में सबसे हैरान करने वाला और सनसनीखेज पहलू यह सामने आया है कि अतिक्रमणकारी अब किसी और जमीन पर नहीं, बल्कि सीधे पुराने थाने के ठीक सामने और थाने की सरकारी जमीन पर ही कब्ज़ा कर रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यहाँ हर रोज़ रात के अंधेरे में दुकानें रख दी जाती हैं। जब कानून के रखवालों के ठीक सामने और उनकी ही सुरक्षित जमीन पर रोज़ाना अतिक्रमण हो रहा हो, तो फिर रोड निर्माण कंपनी की पटरियों और मुख्य सड़क (डामर) को अतिक्रमणकारियों से कौन बचाएगा? यही कारण है कि अब दुकानें सीधे मुख्य मार्ग के डामर तक सजा दी गई हैं और उनके सामने बेतरतीब वाहन खड़े होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है।
कागजों पर हटा अतिक्रमण, जमीनी हकीकत में 'जस की तस' स्थिति
स्थानीय नागरिकों द्वारा इस गंभीर समस्या की शिकायत समय-समय पर कई बार की जा चुकी है। शासन के अभिलेखों (कागजों) पर दर्जनों बार अतिक्रमण हटाया भी जा चुका है, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ से अतिक्रमण वास्तव में कभी हटाया ही नहीं गया। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि रात के अंधेरे में अवैध कब्जा करने वाले रसूखदारों और इस पर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को आज तक चिन्हित कर उनके खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी लचर रवैये के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हैं।
मंडरा रहा है मौत का साया, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
गढ़ बाज़ार का यह व्यस्ततम मार्ग अब किसी बड़े हादसे का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि प्रशासन और पुलिस महकमे ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल विचार नहीं किया, तो यहाँ कभी भी कोई भीषण वाहन दुर्घटना हो सकती है, जिसमें दर्जनों निर्दोष लोगों की जान जा सकती है। अब जनता के बीच यह बड़ा सवाल कौंध रहा है कि क्या गंगेव जनपद, मनगवां तहसील और पुलिस प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा, या इस वीडियो साक्ष्य के आधार पर गढ़ बाज़ार को इस जाम और अवैध कब्जे के दलदल से मुक्ति दिलाएगा?
