| उमरिया; घर में घुसा बाघ बना मौत का कारण, महिला की दर्दनाक मौत से भड़के ग्रामीण; रेंजर पर हमला Aajtak24 News |
उमरिया - उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में देर रात दहशत का मंजर, बाघ के हमले में महिला की मौत और कई घायल; वन विभाग की देरी से नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरा,उमरिया। मध्य प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा रेंज से रविवार तड़के दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात करीब 3 बजे एक बाघ गांव में घुस आया और दीवार फांदकर एक घर के अंदर पहुंच गया। घर में सो रही 48 वर्षीय फूल बाई पाल पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।बताया जा रहा है कि घटना के बाद बाघ पास के खेरवा टोला की ओर बढ़ गया, जहां उसने दशईया पाल सहित तीन अन्य ग्रामीणों पर भी हमला कर दिया। सभी घायलों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में लगातार बाघ की मौजूदगी से लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इसी बात से नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सुबह पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।आक्रोशित ग्रामीणों ने पनपथा रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव के साथ मारपीट कर दी, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई है। वहीं महिला रेंजर अंजू वर्मा को कुछ समय के लिए ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर भारी बल के साथ पहुंचना पड़ा।
मामले की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेत्री एवं जनपद सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे भी गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि कई घंटों बाद भी मृतका का शव घर के अंदर ही पड़ा रहा और बाघ आसपास मंडराता दिखाई देता रहा। मौके पर मध्य प्रदेश पुलिस तथा वन विभाग की टीमें तैनात हैं। कानून-व्यवस्था संभालने में जुटा प्रशासन,पनपथा के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने बताया कि फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद आगे की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।