| रायगढ़; ऑपरेशन आघात का वार: घरघोड़ा में शराब कारोबारियों पर पुलिस का शिकंजा Aajtak24 News |
रायगढ़ - जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए घरघोड़ा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 30 लीटर से अधिक अवैध शराब और बिक्री से जुड़ी नकदी जब्त की है। यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में और थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में की गई। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पहली रेड: अंग्रेजी शराब और कच्ची महुआ के साथ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना के आधार पर रायकेरा क्षेत्र में पहली कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब और कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। साथ ही कथित बिक्री से जुड़ी नकदी भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री का कुल मूल्य हजारों रुपये आंका गया है। प्रारंभिक जांच में शराब के अवैध भंडारण और बिक्री की आशंका जताई गई।
दूसरी कार्रवाई में फिर खुला अवैध कारोबार का नेटवर्क
इसी अभियान के तहत पुलिस ने दूसरी जगह पर भी दबिश दी। यहां से भी अंग्रेजी शराब और कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। मौके से नकदी भी जब्त की गई, जिसे पुलिस शराब बिक्री से जुड़ा लेनदेन मानकर जांच कर रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं, नेटवर्क का भी
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को पुलिस की सक्रियता माना जा रहा है, लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या केवल छोटे स्तर के कारोबारी पकड़े जा रहे हैं या सप्लाई और वितरण की पूरी श्रृंखला तक भी जांच पहुंच रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब और अवैध बिक्री लंबे समय से सामाजिक और कानून व्यवस्था की चुनौती रही है। ऐसे में लगातार कार्रवाई का असर तभी दिखाई देगा जब स्रोत, सप्लाई चैन और खरीद नेटवर्क पर भी निगरानी मजबूत हो।
पुलिस का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब कारोबार और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले छह महीनों में “ऑपरेशन आघात” के तहत कितनी कार्रवाई हुई और उनमें से कितने मामलों में सप्लायर या बड़े नेटवर्क तक पुलिस पहुंची?
2. जिन इलाकों से बार-बार अवैध शराब बरामद हो रही है, वहां स्थायी रोकथाम और निगरानी की क्या रणनीति तैयार की गई है?
3. केवल शराब जब्ती और गिरफ्तारी के अलावा क्या पुलिस ने यह भी जांच शुरू की है कि अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक स्रोत और खरीददारों का नेटवर्क कौन चला रहा है?