गुना का बदलेगा स्वरूप: गुनिया नदी का 80 करोड़ से होगा कायाकल्प Aajtak24 News

बोट क्लब और आधुनिक भुजरिया तालाब बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र

गुना - शहर की जीवनदायिनी गुनिया नदी और ऐतिहासिक भुजरिया तालाब को नया जीवन देने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया है। गुरुवार को कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में 'नमामि गंगे' योजना के अंतर्गत इन परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (DPR) दिया गया। लगभग 80.22 करोड़ रुपए की इस मेगा योजना से न केवल शहर का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि पर्यटन और राजस्व सृजन के नए द्वार भी खुलेंगे।

दो भागों में होगा गुनिया नदी का पुनरुत्थान

परियोजना को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है, जिसके लिए तकनीकी बारीकियों को एनीमेटेड वीडियो के जरिए समझाया गया:

पार्ट-ए (लागत 71.70 करोड़ रुपए):

नदी के दोनों किनारों पर मजबूत कंक्रीट की दीवारों का निर्माण किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वर्षा ऋतु में जल निकासी व्यवस्थित होगी और शहर को बाढ़ के खतरे से मुक्ति मिलेगी। दीवारों की नींव से निकलने वाली मिट्टी का उपयोग कर नदी के दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़ी इंटरलॉकिंग टाइल्स वाली सड़कें बनाई जाएंगी, जो पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए बेहतरीन कॉरिडोर का काम करेंगी। इसके साथ ही, नदी में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए 5 स्टॉप डैम और लोगों की आवाजाही के लिए 4 फुटब्रिज बनाए जाएंगे।

पार्ट-बी (लागत 8.52 करोड़ रुपए):

यह हिस्सा पूरी तरह से मनोरंजन और राजस्व पर केंद्रित है। इसके तहत गुनिया नदी बोट क्लब का विकास किया जाएगा। इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व सृजन का मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें नौकायन, फूड स्टॉल्स, पार्किंग और विज्ञापन अधिकारों से होने वाली आय शामिल है।

आधुनिक आकर्षण का केंद्र बनेगा भुजरिया तालाब

बैठक में भुजरिया तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना को भी 3-डी मॉडल के माध्यम से दिखाया गया। इसे एक 'थीम बेस्ड' आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ पार्किंग, मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार और ओपन एक्टिविटी स्पेस (खुली गतिविधियों के लिए जगह) तैयार की जाएगी, जिससे शहरवासियों को परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक शानदार स्थान मिल सके।

नन्हीं बालिका ने पेश की जनभागीदारी की मिसाल

बैठक का सबसे प्रेरक हिस्सा वह रहा जब गुनिया नदी के निरीक्षण के दौरान साथ रही एक छोटी बालिका ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। उसने कहा, "हम बच्चे स्वयं श्रमदान करेंगे। जब लोग देखेंगे कि बच्चे नदी साफ कर रहे हैं, तो उन्हें गंदगी फैलाने में शर्म आएगी।" बालिका के इस जज्बे को कलेक्टर और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने 'जनसहभागिता' का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए जमकर सराहना की।

कूनो नदी का भी होगा कायाकल्प

बैठक में कूनो नदी के पुनर्जीवन पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में पंचायत स्तर पर यहाँ सफाई और घाट निर्माण का कार्य जारी है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर व्यापक वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सिंचाई क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।

उच्च स्तरीय स्वीकृति का इंतज़ार

कलेक्टर श्री कन्याल ने बताया कि इस विस्तृत कार्ययोजना को सबसे पहले राज्य स्तर पर भोपाल भेजा जाएगा। वहां से अनुमोदन प्राप्त होते ही इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार की 'नमामि गंगे' योजना के अंतर्गत प्रस्तुत किया जाएगा।

उपस्थिति:

बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, सांसद प्रतिनिधि श्री हरिसिंह यादव, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन सहित शहर के प्रबुद्ध समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे।

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