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| आलीराजपुर; “50 दिन से लंबित शिकायतें नहीं चलेंगी! ‘डी ग्रेड’ अफसरों को कलेक्टर की चेतावनी Aajtak24 News |
आलीराजपुर - जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर नीतू माथुर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि 50 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए और ‘डी ग्रेड’ में चल रहे विभाग जल्द से जल्द ‘ए ग्रेड’ में पहुंचें।
कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयसीमा से बाहर प्रकरणों पर अर्थदंड लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मई माह में सभी जल संरचनाओं के कार्य पूर्ण कर लिए जाएं और उनकी प्रविष्टि राजस्व रिकॉर्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
इसके अलावा भूमि आवंटन, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे लंबित राजस्व प्रकरणों पर भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी टीएल बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, अन्यथा नोटिस जारी किया जाएगा। जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण कार्य को भी समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में कम प्रगति पर स्वास्थ्य विभाग को रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता की जांच, ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई और अन्य योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायतें लंबित रहने के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या ठोस कार्रवाई हुई है?
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अर्थदंड के आदेश दिए गए हैं—क्या पहले भी ऐसे मामलों में वास्तव में वसूली हुई है या यह सिर्फ निर्देश तक सीमित रहता है?
- ई-केवाईसी और अन्य योजनाओं में लगातार कम प्रगति सामने आ रही है—क्या इसके लिए जवाबदेही तय कर किसी अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी?
