| सीहोर; पशुपालन केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है - कलेक्टर |
सीहोर - कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने ग्राम शाहपुर कोड़िया एवं ग्राम बमुलिया में राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत संचालित बकरी एवं पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशुपालकों से चर्चा कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, स्वरोजगार की संभावनाओं, पशुपालन की आधुनिक तकनीकों तथा गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की पशुपालन आधारित योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामवासियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने ग्राम शाहपुर कोड़िया में श्रीमती ममता राय द्वारा संचालित बकरी फॉर्म का निरीक्षण करते हुए वहां पाली जा रही विभिन्न नस्लों की बकरियों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि फॉर्म में सिरोही, बीटर सहित पांच प्रकार की नस्लों का पालन एवं संवर्धन किया जा रहा है। कलेक्टर ने बकरियों की देखरेख, उनके आहार, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, प्रजनन प्रक्रिया तथा पालन-पोषण की संपूर्ण व्यवस्था के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी जाना कि विभिन्न नस्लों की बकरियां किन क्षेत्रों से लाई जाती हैं तथा उनके पालन के लिए किस प्रकार की आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
फॉर्म संचालक ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त कर इस बकरी फॉर्म की स्थापना की है। उन्होंने बताया कि बकरी पालन व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है तथा इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आधुनिक पद्धतियों का उपयोग कर अधिक लाभ अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
इसके पश्चात कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने ग्राम बमुलिया पहुंचकर श्री खलील खान द्वारा संचालित पोल्ट्री फॉर्म का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फार्म संचालक ने जानकारी दी कि उनके फार्म में कड़कनाथ, जापानी स्क्वेल एवं देशी नस्लों की मुर्गियों का पालन किया जा रहा है। कलेक्टर ने पोल्ट्री फॉर्म की व्यवस्थाओं, मुर्गियों की देखरेख, आहार प्रबंधन, स्वच्छता तथा अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि जिले में इस क्षेत्र का और अधिक विस्तार हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन सहित पशुपालन विभाग की सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन गतिविधियां कृषि के साथ जुड़कर किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आने वाले समय में यह क्षेत्र ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बनेगा। निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के उप संचालक श्री आरपी गौतम, डॉ आरके शाक्य सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।