अनुपपुर; नल में पानी या फाइलों में विकास? अनुपपुर में 371 योजनाओं पर कलेक्टर की सख्ती Aajtak24 News

अनुपपुर; नल में पानी या फाइलों में विकास? अनुपपुर में 371 योजनाओं पर कलेक्टर की सख्ती Aajtak24 News

अनुपपुर - जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रही नल-जल योजनाओं की धीमी प्रगति, तकनीकी खामियों और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के बीच अब जिला प्रशासन ने सख्त मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी नल-जल योजनाओं की मॉनिटरिंग अब “जल दर्पण” एप के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि डिजिटल निगरानी से योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और गांवों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

बैठक में सामने आया कि जिले में कुल 371 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इनमें 278 परियोजनाएं हैंडओवर की जा चुकी हैं, जबकि 93 परियोजनाएं अब भी ठेकेदार स्तर पर ट्रायल फेज में हैं। इसके अलावा 49 परियोजनाएं अभी निर्माण और प्रगति के दौर में हैं। आंकड़ों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उपयंत्रियों से परियोजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और कई मामलों में नाराजगी भी जताई। ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रशासन अब ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार सहायकों को “जल दर्पण” पोर्टल से जोड़ने जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रोजगार सहायकों को ऑनबोर्ड कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए ताकि गांवों में खराब पड़ी योजनाओं, पानी सप्लाई में बाधा और तकनीकी दिक्कतों की जानकारी तत्काल प्रशासन तक पहुंच सके।

बैठक में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। अधिकारियों ने बताया कि शासन के प्रावधान के अनुसार नल-जल योजनाओं के लिए बिजली मीटर लगाए जाने थे, लेकिन अब तक कई स्थानों पर मीटर नहीं लगाए गए हैं। इसके बावजूद बिजली बिल लगातार भेजे जा रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने बिजली विभाग को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्राम पंचायत सचिवों के साथ समन्वय बनाकर जल्द मीटर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बिल संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने को भी कहा। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि नल-जल योजनाओं के हस्तांतरण में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सप्ताह योजनाओं के हस्तांतरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा मई माह में हर विकासखंड में कम से कम एक कार्यक्रम अनिवार्य रूप से हो।

बैठक में पीएम गति शक्ति योजना, जल जीवन मिशन के संचालन और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का संचालन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों में लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, उपयंत्री, संविदाकार और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब 278 परियोजनाएं हैंडओवर हो चुकी हैं, तो क्या जिला प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि इनमें से कितनी योजनाएं वास्तव में रोजाना सुचारू रूप से पानी सप्लाई कर रही हैं और कितनी सिर्फ कागजों में चालू हैं?
  2. बिना बिजली मीटर लगाए उपभोक्ताओं और पंचायतों को लगातार बिल भेजे जाने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है, और क्या इस लापरवाही पर किसी अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी?
  3. 93 परियोजनाएं लंबे समय से ट्रायल फेज में हैं, तो क्या प्रशासन यह मानता है कि ठेकेदारों को समयसीमा और गुणवत्ता के मामलों में जरूरत से ज्यादा छूट दी गई है?

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