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| उज्जैन; सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में ‘मेगा मिशन मोड’: करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन में सड़कों से लेकर अंडरपास तक युद्धस्तर पर काम Aajtak24 News |
उज्जैन - उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन विश्व स्तरीय स्वरूप में होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान गैल इंडिया चौराहा से शांतिनगर और नीलगंगा कवेलू कारखाना चौराहा तक 2700 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की गई। साथ ही कवेलू कारखाना चौराहा पर बन रहे अंडरपास की डिजाइन देखी गई और भीड़ नियंत्रण के लिए रोटरी निर्माण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मकोडिया आम से श्री सांदीपनि आश्रम तक 1.70 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन सीमेंट कांक्रीट मार्ग का भी निरीक्षण किया गया, जहां विद्युतीकरण, पोल शिफ्टिंग, खुदाई और रिटेनिंग वॉल का कार्य प्रगति पर है।
संभागायुक्त ने काल भैरव मंदिर मार्ग, सिद्धवट मार्ग और भैरवगढ़ से कालियादेह पैलेस तक फोर लेन मार्ग और फ्लायओवर निर्माण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फ्लायओवर से यातायात और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा। अधिकारियों ने सभी निर्माण एजेंसियों को अतिरिक्त श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या इतने बड़े स्तर के निर्माण कार्यों के लिए डेडलाइन और वास्तविक ग्राउंड प्रगति में अंतर की नियमित सार्वजनिक रिपोर्टिंग होगी?
- सिंहस्थ जैसे आयोजन में भीड़ प्रबंधन के लिए क्या स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर योजना है या केवल आयोजन आधारित अस्थायी व्यवस्थाएं?
- करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों में क्या टेंडर, गुणवत्ता और लागत की पारदर्शिता जनता के सामने नियमित रूप से रखी जाएगी?
