| गौरेला-पेंड्रा; 1487 आवेदन, 300 हितग्राही और मंच से भरोसे की बात… क्या सुशासन तिहार बना गांवों का नया जनद्वार? Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में बढ़ती भागीदारी को प्रशासन जनता के बढ़ते विश्वास के रूप में देख रहा है। इसी क्रम में गौरेला जनपद की ग्राम पंचायत नेवसा में आयोजित समाधान शिविर में 20 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं, मांगों तथा योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। शिविर में लालपुर, गिरवर, दौजरा, हर्राटोला, साल्हेघोरी, डाहीबहरा, पंडरीपानी, अंधियारखोह, हर्री, गांगपुर, धनौली, गोरखपुर, झगराखांड, कोरजा, अंजनी, तेंदूमूडा, चुकतीपानी, नेवसा, सारबहरा और सेमरा के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए और योजनाओं की जानकारी ली।
विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि वितरित की गई। राजस्व विभाग की ओर से 66 हितग्राहियों को फौती नामांतरण, 42 को किसान किताब, 17 को बंटवारा-बीवन खसरा और 12 हितग्राहियों को वन अधिकार किसान किताब प्रदान की गई। इसके अलावा श्रम, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, परिवहन और शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता, आयुष्मान कार्ड, सहायक उपकरण, आवास स्वीकृति, जाल, नियुक्ति पत्र, बीज, लर्निंग लाइसेंस और पाठ्य सामग्री वितरित की गई। शिविर में 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 11 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मंच से प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी दी। शिविर में कुल 1487 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा आगे बढ़ाई जा रही है। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने ग्राम पंचायत कोरजा में आवास हटाए जाने की शिकायत पर वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर स्वतंत्र जांच कराने और तथ्य आधारित कार्रवाई का भरोसा दिया। कार्यक्रम में सामाजिक संदेश के रूप में बाल विवाह मुक्त जिला और छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प भी दिलाया गया। ग्रामीणों को यह शपथ दिलाई गई कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह नहीं किया जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. 1487 आवेदन प्राप्त हुए— इनमें से मौके पर कितने मामलों का वास्तविक निराकरण हुआ और कितने मामलों को केवल विभागों को अग्रेषित किया गया?
2. समाधान शिविरों में योजनाओं का वितरण किया जा रहा है— क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई डेटा है जो दिखाए कि पिछले शिविरों के लाभार्थियों को वास्तव में स्थायी लाभ मिला या नहीं?
3. कोरजा में आवास हटाने की शिकायत पर संयुक्त जांच की घोषणा हुई— क्या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और यदि गलती प्रशासनिक स्तर पर पाई गई तो जवाबदेही कैसे तय होगी?