'चिकन नेक' की सुरक्षा पर शुवेंदु सरकार का महा-फैसला: केंद्र को सौंपी 120 एकड़ जमीन Aajtak24 News

'चिकन नेक' की सुरक्षा पर शुवेंदु सरकार का महा-फैसला: केंद्र को सौंपी 120 एकड़ जमीन Aajtak24 News

कोलकाता/सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कर लिया है। एक बेहद अहम और कूटनीतिक फैसले के तहत राज्य सरकार ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आम भाषा में 'चिकन नेक' कहा जाता है, वहां की 120 एकड़ जमीन को केंद्र सरकार को सौंप दिया है। इस फैसले के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस रणनीतिक कदम की सराहना की है।

क्यों इतनी अहम है यह 120 एकड़ जमीन?

सिलीगुड़ी कॉरिडोर केवल 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा एक बेहद संकरा जमीनी इलाका है। यह संकरा रास्ता पूरे उत्तर-पूर्वी राज्यों (Seven Sisters) को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ने वाली इकलौती लाइफलाइन है। व्यापार, राशन आपूर्ति और सबसे बढ़कर भारतीय सेना के आने-जाने का यह एकमात्र जमीनी जरिया है।

  • अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का दबाव: यह इलाका चारों तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा हुआ है। इसके एक तरफ नेपाल, दूसरी तरफ भूटान, नीचे बांग्लादेश है और यह चीन की सीमा (तिब्बत) के भी बेहद नजदीक स्थित है। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस 'चिकन नेक' पर जरा सी भी ढिलाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

बॉर्डर फेंसिंग और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा निर्माण

राज्य सरकार द्वारा सौंपी गई इस 120 एकड़ जमीन का इस्तेमाल केंद्र सरकार और सेना मुख्य रूप से बॉर्डर सुरक्षा बलों (BSF) के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए करेगी। सूत्रों के अनुसार, इस जमीन पर घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए आधुनिक बॉर्डर फेंसिंग (बाड़ लगाना), सुरक्षा बलों के रहने के लिए रणनीतिक चौकियां और आपातकाल में सेना की त्वरित आवाजाही के लिए मजबूत सड़कों का निर्माण किया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकार के समय केंद्र और राज्य के बीच जमीन हस्तांतरण को लेकर जो गतिरोध बना रहता था, उसे शुवेंदु सरकार ने आते ही खत्म कर दिया है।

मुख्यमंत्री बनते ही 'फुल एक्शन मोड' में शुवेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। भवानीपुर विधानसभा सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही शुवेंदु अधिकारी लगातार बड़े और कड़े फैसले ले रहे हैं।

  • पदभार संभालते ही उन्होंने प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल किया, राज्य की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए और पिछली सरकार के नेताओं पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू करवाई। अब 'चिकन नेक' की सुरक्षा को मजबूत करने का यह फैसला दिखाता है कि नई सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र के साथ 'जीरो-कॉम्प्रोमाइज' की नीति पर चल रही है।

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