जयपुर उत्तर पुलिस का 'डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक': 1.06 करोड़ के 590 मोबाइल बरामद, पीड़ितों के चेहरों पर लौटी मुस्कान Aajtak24 News

जयपुर उत्तर पुलिस का 'डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक': 1.06 करोड़ के 590 मोबाइल बरामद, पीड़ितों के चेहरों पर लौटी मुस्कान Aajtak24 News

जयपुर- राजधानी की जयपुर उत्तर पुलिस ने साल 2026 में तकनीक और मुस्तैदी का ऐसा संगम दिखाया है कि साइबर अपराधियों के पसीने छूट गए हैं। पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री करन शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने न केवल गुमशुदा और चोरी हुए करोड़ों रुपये के मोबाइल बरामद किए, बल्कि साइबर ठगों के उस जाल को भी काट दिया जो मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई डकार रहे थे।

खोया मोबाइल मिला तो खिले चेहरे

अक्सर मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर लोग उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन जयपुर उत्तर की साइबर यूनिट ने CEIR पोर्टल के जादू और कड़ी मेहनत से 590 मोबाइल फोन ट्रैक कर बरामद किए। इन फोन की बाजार में कीमत करीब 1.06 करोड़ रुपये है। आज जब ये फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए, तो कई लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। बरामदगी में विद्याधर नगर, माणकचौक और गलतागेट थानों के जवानों ने 'सुपर कॉप्स' की भूमिका निभाई।

ठगों के खातों पर 'डिजिटल ताला', 4.88 करोड़ रुपये होल्ड

साइबर फ्रॉड के खिलाफ जयपुर उत्तर पुलिस की स्ट्राइक रेट बेमिसाल रही है। वर्ष 2025-26 में NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस ने ठगों के खातों में जा रहे 4.88 करोड़ रुपये होल्ड करवा दिए। इसमें से 1.70 करोड़ रुपये तो पीड़ितों के बैंक खातों में वापस रिफंड भी कराए जा चुके हैं। पुलिस अब बाकी बची राशि को भी वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।

'म्यूल हंटर' ने बिगाड़ा ठगों का खेल

साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के 'म्यूल हंटर' अभियान ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। विद्याधर नगर, जालूपुरा और माणकचौक पुलिस ने 4 शातिर साइबर अपराधियों को दबोचा है। इनके पास से 22 मोबाइल, 5 लैपटॉप और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया गया है। ये अपराधी फर्जी सिम और फर्जी बैंक खातों के जरिए सिंडिकेट चला रहे थे।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ ही नहीं रही, बल्कि 'प्रिवेंशन' पर भी जोर दे रही है। साइबर यूनिट द्वारा स्कूल-कॉलेजों में विशेष कैंप लगाकर छात्रों को राजकाॅप सिटीजन एप, चक्षु पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में ट्रेंड किया जा रहा है।

इनकी रही मुख्य भूमिका

इस पूरी सफलता के पीछे अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री नीरज पाठक और श्री बजरंग सिंह के सुपरविजन के साथ सहायक पुलिस आयुक्त श्री प्रदीप कुमार गोयल और विशेष साइबर अनुसंधान इकाई की टीम का जबरदस्त समन्वय रहा। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि डिजिटल दुनिया में अपराध करने वाले अब जयपुर पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएंगे।

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