| कोरबा; एक दिन में 104 पर कार्रवाई, 19 नशे में चालक पकड़ाए Aajtak24 News |
कोरबा - जिले में सड़कों पर बढ़ती लापरवाही और दुर्घटनाओं की आशंकाओं के बीच पुलिस ने बड़ा अभियान चलाकर साफ संकेत दिया है कि अब यातायात नियमों की अनदेखी आसान नहीं होगी। “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस और यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ही दिन में 104 मामलों में कार्रवाई करते हुए 53 हजार 400 रुपये समंस शुल्क वसूला गया। सबसे अधिक चिंता का विषय यह रहा कि 19 लोग शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े गए, जिन पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिलेभर में यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा को व्यवहार में लागू करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना बताया गया।
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, सुरक्षा पर फोकस
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने तेज रफ्तार, हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, दस्तावेजों की कमी, गलत दिशा में वाहन चलाने और शराब पीकर वाहन संचालन जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी। संयुक्त टीमों ने कई स्थानों पर जांच अभियान चलाकर नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
शराब पीकर ड्राइविंग बनी सबसे बड़ी चिंता
कार्रवाई में सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहन चालक अब भी शराब सेवन के बाद वाहन चला रहे हैं। पुलिस ने इसे सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह मानते हुए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रखने की बात कही।
जनजागरूकता और प्रवर्तन दोनों पर जोर
कोरबा पुलिस ने कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक भी किया। वाहन चालकों से अपील की गई कि वे सड़क को केवल अपनी सुविधा नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी मानें। सुरक्षित दूरी, निर्धारित गति, ट्रैफिक संकेतों का पालन और दस्तावेज साथ रखने की सलाह दी गई। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले 6 महीनों में शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में कितने चालकों पर कार्रवाई के बाद लाइसेंस निलंबन या आगे की कानूनी कार्रवाई हुई है?
2. जिन स्थानों पर सबसे अधिक यातायात उल्लंघन मिले, क्या वहां सड़क इंजीनियरिंग, संकेतक या निगरानी व्यवस्था की कोई अलग समीक्षा की गई है?
3. क्या अभियान के तहत वसूले गए समंस शुल्क का कोई हिस्सा सड़क सुरक्षा जागरूकता, ट्रैफिक प्रबंधन या दुर्घटना रोकथाम उपायों में उपयोग किया जाएगा?