एमसीबी; आधार डेटा पर प्रशासन की सख्ती… फर्जीवाड़े से लेकर 100+ उम्र वाले रिकॉर्ड तक होगी दोबारा जांच Aajtak24 News

एमसीबी; आधार डेटा पर प्रशासन की सख्ती… फर्जीवाड़े से लेकर 100+ उम्र वाले रिकॉर्ड तक होगी दोबारा जांच Aajtak24 News

एमसीबी - जिले में आधार सेवाओं को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और आमजन के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले में एमबीयू (MBU) शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि आधार सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सके। साथ ही UDISE+ डेटा के अद्यतन कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के आधार नामांकन की ग्राम स्तर पर जांच कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में हटाए गए आधार रिकॉर्ड के सत्यापन पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से 100 वर्ष से अधिक आयु वाले आधार रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन को लेकर निर्देश दिए गए, ताकि डेटा की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। जिला और राज्य स्तर पर प्राप्त आधार संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने आधार से जुड़े संभावित धोखाधड़ी मामलों पर लगातार निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता बताई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधार सेवाओं से जोड़ने के लिए ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक हर माह नियमित रूप से आयोजित होगी और उसकी कार्यवाही रिपोर्ट समय-सीमा के भीतर संबंधित राज्य स्तरीय एजेंसी को भेजी जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और यूआईडीएआई के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. 100 वर्ष से अधिक आयु वाले आधार रिकॉर्ड की जांच का निर्णय लिया गया है— जिले में ऐसे कुल कितने रिकॉर्ड संदिग्ध या सत्यापन के दायरे में हैं और अब तक कितनों की जांच पूरी हुई?

2. आधार से जुड़े फर्जीवाड़े पर निगरानी की बात की गई— पिछले एक वर्ष में जिले में कितनी शिकायतें मिलीं और कितने मामलों में वास्तविक कार्रवाई हुई?

3. नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में शिविर लगाने की घोषणा हुई है— क्या प्रशासन ने ऐसे गांवों की सूची, समयसीमा और सेवा पहुंचाने की स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक की है?

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