अवैध कॉलोनी पर चला प्रशासन का बुलडोजर; कलेक्टर की सख्ती से पीड़ित को मौके पर मिले 10 लाख रुपए Aajtak24 News

अवैध कॉलोनी पर चला प्रशासन का बुलडोजर; कलेक्टर की सख्ती से पीड़ित को मौके पर मिले 10 लाख रुपए Aajtak24 News

सीहोर - अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को कलेक्टर श्री बालागुरू के. के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम रायपुर नयाखेड़ा स्थित 'ड्रीम बुल' कॉलोनी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के साथ ही कलेक्टर का एक मानवीय चेहरा भी सामने आया, जहाँ उन्होंने एक पीड़ित निवेशक को सालों से फंसी उसकी राशि वापस दिलवाई।

अवैध निर्माण पर जमींदोज: जेसीबी से ढहाया गेट और सड़कें

एसडीएम श्री तन्मय वर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार श्री भरत नायक के नेतृत्व वाली टीम ने रायपुर नयाखेड़ा में बड़ी कार्रवाई की। पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व विभाग के दल ने ड्रीम बुल कॉलोनी के अवैध रूप से निर्मित मुख्य गेट और सीसी रोड को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई में शामिल टीम: इस दल में तहसीलदार श्री भरत नायक के साथ आरआई सुश्री आरती भिलाला, श्री सुरेंद्र जामलिया, पटवारी श्री राकेश बलभद्र, श्री राजेश शर्मा, श्री विक्रम सिंह, श्री पवन कुमार और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

कलेक्टर का मानवीय चेहरा: रेरा के आदेश की कराई तामील

अवैध निर्माण तोड़ने के साथ ही प्रशासन ने एक पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मिसाल पेश की। भोपाल निवासी श्री जितेंद्र प्रकाश नंदा ने ड्रीम बुल्स कॉलोनी के कॉलोनाइजर राकेश ठाकुर से प्लॉट खरीदे थे। कॉलोनी में विकास कार्य न होने पर श्री नंदा ने रेरा (RERA) में शिकायत की थी। रेरा ने कॉलोनाइजर को राशि लौटाने का आदेश दिया था, लेकिन कॉलोनाइजर राशि वापस करने में टालमटोल कर रहा था।

मौके पर ही हुई 10 लाख की वसूली

थक-हारकर पीड़ित जितेंद्र नंदा ने कलेक्टर श्री बालागुरू के. के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न केवल कार्रवाई के निर्देश दिए, बल्कि तहसीलदार को स्पष्ट कहा कि पीड़ित की राशि वापस दिलाई जाए। कलेक्टर की इस सख्ती का असर यह हुआ कि मौके पर ही कॉलोनाइजर से श्री नंदा को 10 लाख रुपए वापस दिलाए गए। शेष राशि के लिए भी शीघ्र भुगतान करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सीहोर प्रशासन की इस दोहरी कार्रवाई ने एक तरफ भू-माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है, तो दूसरी तरफ आम जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। कलेक्टर की इस पहल की शहर में काफी प्रशंसा हो रही है।

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