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| मऊगंज कलेक्टर का 'गैस संकट' फॉर्मूला: भंडारे में फल और मेहमानों को जूस, गैस बचाने के लिए अनोखी अपील Aajtak24 News |
मऊगंज - जिले में रसोई गैस (LPG) की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी संभावित किल्लत को रोकने के लिए जिला कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन ने एक बेहद प्रभावी और दूरदर्शी पहल शुरू की है। कलेक्टर ने न केवल प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय किया है, बल्कि आम नागरिकों के सामाजिक और खान-पान के तौर-तरीकों में बदलाव लाकर गैस की खपत कम करने का एक नया 'मऊगंज मॉडल' पेश किया है।
सामाजिक आयोजनों के लिए नई गाइडलाइन कलेक्टर श्री जैन ने आम नागरिकों और धार्मिक संस्थाओं से विशेष अपील की है कि वे अपनी जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाकर गैस संरक्षण में मदद करें। उन्होंने सुझाव दिया है कि धार्मिक आयोजनों में भारी-भरकम 'भंडारा' तैयार करने के स्थान पर फल वितरण को प्राथमिकता दें। इसी तरह, सामाजिक समारोहों में मेहमानों को चाय या कॉफी (जो गैस पर बनती है) परोसने के बजाय लस्सी, छाछ, शिकंजी या ताजे फलों के रस जैसे ठंडे पेय पदार्थ दिए जाएं। यह पहल न केवल गैस बचाएगी बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहतर साबित होगी।
व्यवसायियों को सख्त निर्देश प्रशासन ने व्यावसायिक क्षेत्र में गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
होटल संचालक: कमर्शियल गैस सिलेंडर के स्थान पर अनिवार्य रूप से इंडक्शन (बिजली के चूल्हे) अपनाने को कहा गया है।
बारात घर: संचालकों को गैस भट्टी के बजाय इलेक्ट्रिक चूल्हा और कोयला भट्टी का उपयोग करने की समझाइश दी गई है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर नकेल गैस और ईंधन की कालाबाजारी करने वालों को कलेक्टर ने सख्त चेतावनी दी है। जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के अवैध भंडारण की जांच के लिए तहसीलवार विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। श्री जैन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या गैस एजेंसी अवैध भंडारण या ऊंचे दामों पर बिक्री करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955' (आवश्यक वस्तु अधिनियम) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
24x7 मॉनिटरिंग और प्राथमिकता आपूर्ति जिले में आपूर्ति श्रृंखला को पारदर्शी बनाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। गैस एजेंसियों के स्टॉक की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जेल, पुलिस बटालियन, आंगनवाड़ी, छात्रावास और अस्पतालों जैसे अति-आवश्यक संस्थानों को गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाए ताकि जनसेवा बाधित न हो। कलेक्टर की इस पहल को मऊगंज में व्यापक सराहना मिल रही है, क्योंकि यह केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं बल्कि जनभागीदारी से समस्या के समाधान की एक कोशिश है।
