मऊगंज में वायरल ऑडियो पर भूचाल: 'पैसे से हर जगह मैनेज हो जाता है' कहने वाले कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी Aajtak24 News

मऊगंज में वायरल ऑडियो पर भूचाल: 'पैसे से हर जगह मैनेज हो जाता है' कहने वाले कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी Aajtak24 News

मऊगंज - मऊगंज जिले में कार्यपालन यंत्री (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) एस.बी. रावत का एक और विवादास्पद ऑडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस बार वायरल ऑडियो में रावत कथित तौर पर बातचीत के दौरान यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “पैसे से हर जगह मैनेज हो जाता है”— और यह आरोप सीधे कलेक्टर और कोर्ट पर लगाए गए हैं। जैसे ही यह गंभीर ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, कलेक्टर संजय जैन ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए रावत को नोटिस जारी कर दिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव संभागायुक्त को भेज दिया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को रावत के पुराने विवादित मामलों, मनमानी और गलत निर्णयों से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि शासन स्तर पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद जिलहंडी पंचायत (जनपद नईगढ़ी) में हुए लगभग 68 लाख रुपये की गड़बड़ी की शिकायत से जुड़ा है। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुँचा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर कलेक्टर ने सुनवाई की और एसडीओ एस.आर. प्रजापति की रिपोर्ट के आधार पर 6 अधिकारियों-कर्मचारियों से 68 लाख रुपये की रिकवरी बरकरार रखी। कलेक्टर के इसी कड़े फैसले के बाद यह कथित ऑडियो वायरल हुआ। ऑडियो में उपयंत्री प्रवीण पांडेय और एस.बी. रावत के बीच बातचीत बताई जा रही है। इसमें रावत कथित तौर पर यह कहते सुनाई देते हैं कि “5 लाख दे देते तो फैसला बदल जाता।” साथ ही वे हाईकोर्ट से स्टे लेने की सलाह भी देते हैं।

प्रशासन एक्शन मोड में

कलेक्टर संजय जैन ने इस पूरे मामले पर 'भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस' की नीति स्पष्ट करते हुए कहा है, "दबाव या भ्रम से फैसले नहीं बदलते, नियम और साक्ष्य ही अंतिम आधार होते हैं। प्रशासन ने तत्काल ऑडियो की फोरेंसिक जांच, डिजिटल रिकॉर्डिंग की सत्यता और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर ने न्यायालय और प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत और उपयंत्री प्रवीण पांडेय दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से 7 दिन में जवाब मांगा गया है। गौरतलब है कि एस.बी. रावत पहले भी विवादों में रहे हैं। कमिश्नर जांच में उनकी सेवा पुस्तिका और संपत्ति विवरण में अनियमितताएँ पाई गई थीं।






Post a Comment

Previous Post Next Post