किसान के खेत में अफीम कि खेती पुलिस ने की छापा मार कार्यवाही karwahi Aaj Tak 24 News

 

किसान के खेत में अफीम कि खेती पुलिस ने की छापा मार कार्यवाही karwahi Aaj Tak 24 News  

रीवा - जिले के गढ़ थाना अंतर्गत देवधर तहसील के करहिया ग्राम में पुलिस ने छापा मार कार्यवाही कर 2380 पौधे अफीम के प्याज और गेहूं के खेत से बरामद किए जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख साथ ही एक कुंटल अफीम बरामद की रीवा जिले में नशा की प्रवृत्तियां भारत में अपना स्थान अर्जित कर रही है जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर आई जी रीवा पद स्थापना उपरांत ही रीवा जिले में नशा और नशेड़ियों और युवाओं की हो रही बर्बाद जिंदगियां और अपराध के बढ़ती संख्या पर चिंतित होकर समस्त जिले के पुलिस अधीक्षकों को नशा और नशेड़ी का व्यापार करने वालों पर कठोर कार्यवाही का निर्देश किया दिया गया इसी के तहत रीवा जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह मऊगंज जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक लाल समस्त अपने अनुभव के उन विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी तरह के नशा और नशा के कारोबार के में सन्निपट लोगों के ऊपर चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए इसी के परिपालन में अनविभागीय अधिकारी पुलिस मंगला डॉक्टर कृपा शंकर द्विवेदी द्वारा अपने अनुभव थाना क्षेत्र पर सत्य कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया जहां अभी हाल में गढ़ थाने में पदस्थ थाना प्रभारी निरीक्षक विकास कपीश द्वाराअपने स्टाफ को यह निर्देशित किया गया की समस्त बीट प्रभारी अपने बीट क्षेत्र पर भ्रमण कर नशा और नशे के कारोबारी की जानकारी जुटाएं जिससे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करते हुए कार्यवाही की जा सके इसी कार्यक्रम में मुखबिर की सूचना पर ग्राम करहिया तहसील देवघर थाना गढ़ में रमेश लुनिया कमलेश लुनिया पिता केदार लुनिया के खेत से 2380 पौधे अफीम के बरामद किए गए जिसमें प्रमुख सूचना संकलन करने में आरक्षक आशुतोष मिश्रा का रहा जिनकी सूचना पर थाना प्रभारी विकास कपीश ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन निर्देशन उपरांत करहिया गांव में दृश्य दी जहां यह देखकर स्तंभित रह गए कि रीवा जिले में इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती की जा रही है शायद यह रीवा जिले की सबसे बड़ी और पहली घटना है अफीम की खेती मूलतः मध्य प्रदेश की मंदसौर नीमच रतलाम की जाती है और इसकी अनुमति भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्त मंत्री से प्रदान होती है जहां सरकार की देखरेख में किस उत्पादन कर सरकार के पास अफीम की मात्रा जमा करते हैं यह अफीम के पौधे से पुस्तक के दाने जिसे खसखस भी कहा जाता है इसका काफी रेट है इसका सर्व अधिक जन चर्चा नशा और हीरोइन बनने के काम में आती है किंतु इसका सबसे महत्वपूर्ण कार्य दवा के रूप पर भी बनाई जाती हैयह फसल सितंबर और अक्टूबर में रपति होती है और 120 से 130 दिन में तैयार होती है जहां फूल के बाद फल लगते हैं और फल में चीरा लगाकर उसके दूध से जो गार्ड निकलती है उसी को अफीम कहते हैं और फल से पुस्तक के दाने निकलते हैं जिसकी कीमत लाखों रुपए किलो में होती है यह भारत में सर्वाधिक शान द्वारा राजस्थान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ गिने-चुने जिलों में ही उत्पादन की जाती है बिना अनुमति के अफीम की खेती करने पर कठोर कार्यवाही और दंड का भी प्रावधान है इस संबंध में खाना प्रभारी गढ़ विकास कपीश द्वारा बताया गया है कि अभी इसकी वृहद जांच प्रारंभ है जांच उपरांत ही यह बताया जा सकता है कि वास्तविक आरोपी और कितने वर्षों से यह खेती की जा रही है और इस खेती में संबंधित व्यक्तियों द्वारा क्या अभी तक कितनी अफीम का उत्पादन कर कहां बेचा गया और यह किसके मार्गदर्शन में और कैसे खेती का उत्पादन शुरू किया गया अनविभागीय अधिकारी डॉक्टर कृपा शंकर द्विवेदी द्वारा बताया गया है कि मेरे द्वारा अभी पूर्व में गांजे के हरे पौधे बरामद किए गए और अफीम के हरे पौधे बरामद किए गए अब इसके बाद मेडिकल नशा और सुख गांजा और अन्य नशाओं को नशेड़ियों को चिन्हित किया जा चुका है सब के ऊपर क्रमबद्ध कार्यवाहियां जल्द से जल्द की जाएगी।




Police raided opium cultivation in farmer's field and took action

Rewa - Police conducted a raid in Karhiya village of Deodhar tehsil under Garh police station of the district and recovered 2380 plants of opium, onion and wheat from the fields whose estimated value was Rs 20 lakh and also recovered one quintal of opium. Drug addiction trends in Rewa district India. Right after the establishment of the post, right from the Chief Minister of the state to IG Rewa, the Superintendents of Police of all the districts, being concerned about the drugs and drug addicts in Rewa district and the ruined lives of the youth and the increasing number of crimes, Instructions were given to take strict action against those doing drug trade. Under this, Rewa District Superintendent of Police Vivek Singh and Mauganj District Superintendent of Police Vivek Lal were directed to all those departmental officers of their experience to stop any kind of drug and drug trade. Strict action should be taken against the people involved in the K. In compliance with this, order was issued by the Non-Departmental Officer of Police Mangala, Dr. Kripa Shankar Dwivedi, to take true action in his Anubhav police station area, where Inspector Vikas, in-charge of the police station, recently posted at the Garh police station, Kapish directed his staff that all beat in-charges should visit their beat areas and collect information about drugs and drug dealers so that action can be taken following the orders of senior officers. In the same program, on the information of the informer, village Karhiya Tehsil Deoghar In police station Garh, 2380 opium plants were recovered from the farm of Ramesh Lunia, Kamlesh Lunia, father of Kedar Lunia, in which constable Ashutosh Mishra was the key in collecting the information, on whose information, station in-charge Vikas Kapish, after the guidance of senior officers, gave a scene in Karhiya village. Where we were shocked to see that opium is being cultivated in such large quantities in Rewa district.Perhaps this is the biggest and first incident of Rewa district. Opium cultivation is basically done in Mandsaur Neemuch Ratlam of Madhya Pradesh and its permission is given by the Finance Minister of the Ministry of Finance, Government of India, where under the supervision of the government, the production tax is paid to the government. These seeds, which are also called poppy seeds, store the quantity of opium. It has a high rate of consumption. It is most popularly used for making intoxicant and heroine, but its most important function is that it is also made in the form of medicine. This crop ripens in September and October and is ready in 120 to 130 days, where fruits appear after flowering and the guard that comes out of its milk by making an incision in the fruit is called opium and the seeds of the book come out from the fruit. Whose price is lakhs of rupees per kg, it is produced most proudly in India only in a few selected districts of Rajasthan, Uttar Pradesh and Madhya Pradesh. There is also a provision for strict action and punishment for cultivating opium without permission. In this regard, It has been told by food in-charge Garh Vikas Kapish that a major investigation is about to start and only after the investigation it can be told who is the real accused and for how many years this farming has been going on and how much opium has been produced till now by the persons concerned in this farming. Where was it produced and sold and under whose guidance and how the farming production was started? It has been told by the non-departmental officer Dr. Kripa Shankar Dwivedi that in the past, green plants of ganja and green plants of opium were recovered by me. Now after this, the addicts of medical intoxicants, ganja and other intoxicants have been identified and systematic action will be taken against them as soon as possible.

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